लखनऊ में चार लाख वाहनों में नहीं लगा फास्टैग
लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी के आरटीओ कार्यालय में हर प्रकार के चार पहिया पंजीकृत वाहनों की संख्या 6 लाख के पार है। इनमें सवा लाख के करीब वाहन चलन में नहीं है। जबकि 1.5 लाख व्यवसायिक वाहन है और तीन लाख से ऊपर निजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन है। इनमें मात्र 25 फीसदी वाहनों में ही …
लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी के आरटीओ कार्यालय में हर प्रकार के चार पहिया पंजीकृत वाहनों की संख्या 6 लाख के पार है। इनमें सवा लाख के करीब वाहन चलन में नहीं है। जबकि 1.5 लाख व्यवसायिक वाहन है और तीन लाख से ऊपर निजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन है। इनमें मात्र 25 फीसदी वाहनों में ही फास्टैग लगे है। बाकी वाहनों पर फास्टैग लगवाने के लिए परिवहन विभाग और एनएएचआई के बीच बैठक में चार पहिया वाहन मालिकों को जागरुक करने की बात हुई।
एक जनवरी से टोल प्लाजा से गुजरने वाले चार पहिया वाहनों पर फास्टैग जरुरी है। ऐसे में बिना फास्टैग वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई। इस संबंध में आरटीओ ने डीलरों को दिशा निर्देश को जारी कर दिया। जिसमें फास्टैक लगाकर ही नए वाहनों की डिलेवरी करने के आदेश दिए गए है।
आरटीओ प्रशासन रामफेर द्विवेदी बताते है कि हर चार पहिया वाहनों में चाहे यात्री वाहन हो, निजी वाहन हो या माल वाहन। सभी नए वाहनों में फास्टैग अनिवार्य होगा। साथ ही चेकिंग दल वाहन चालकों को फास्टैग लगवाने के लिए चेतावनी भी देंगे। वहीं वाहन मालिकों की सुविधा के लिए आरटीओ कार्यालय में जानकारी और जागरुकता के लिए पोस्टर व बैनर लगाए जाएगे।
