भारत टैक्सी : 35 लाख यूजर्स और 6 लाख से ज्यादा सारथी के साथ बनी सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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गांधीनगर। सहकारिता की भावना को नई ऊंचाई देते हुए 'भारत टैक्सी' डिजिटल मोबिलिटी क्षेत्र में क्रांति ला रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के विजन को साकार करते हुए यह प्लेटफॉर्म ड्राइवर-ओन्ड कोऑपरेटिव मॉडल का सफल उदाहरण बन गया है।

5 फरवरी को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च की गई भारत टैक्सी अब 35 लाख से अधिक यूजर्स और 6 लाख से ज्यादा सारथियों (ड्राइवर्स) के साथ देश की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव बन चुकी है। 

अमूल के एमडी और भारत टैक्सी के चेयरमैन जयेन मेहता के अनुसार, यह मॉडल ड्राइवरों को कंपनी के कर्मचारी नहीं, बल्कि मालिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस प्लेटफॉर्म की खासियत यह है कि राइड की 100 प्रतिशत कमाई बिना किसी कमीशन कटौती के सीधे ड्राइवरों के खाते में पहुंचती है। पारंपरिक एग्रीगेटर ऐप्स में भारी कमीशन और अनिश्चित आय की समस्या को खत्म करते हुए भारत टैक्सी ने ड्राइवरों की मासिक आय में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की है।

ड्राइवरों की जुबानी:

अहमदाबाद के ड्राइवर प्रवीण ठाकोर कहते हैं, "अन्य कंपनियों में काम करना अब फायदेमंद नहीं रहा था। भारत टैक्सी से जुड़ने के बाद बेहतर रेट और रिस्पॉन्स मिल रहा है। अब हम अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।"दूसरे ड्राइवर जनक बारोट बताते हैं, "यहां जीरो कमीशन है और पैसे सीधे अकाउंट में आते हैं। हम खुद को मालिक महसूस करते हैं। अन्य ऐप्स के 30 रुपये प्रति किमी के मुकाबले यहां ग्राहक सिर्फ 17-18 रुपये प्रति किमी में सफर कर रहे हैं।"

यात्रियों को भी फायदा:

यात्रियों को औसतन 15 प्रतिशत कम किराया चुकाना पड़ रहा है। डायनेमिक प्राइसिंग (सर्ज प्राइसिंग) की जगह स्थिर और पारदर्शी किराया संरचना अपनाई गई है, जिससे यात्रा अनुभव बेहतर हुआ है।

विस्तार और सुविधाएं:
  1. गुजरात में 1 लाख से ज्यादा ड्राइवर पहले से जुड़े हुए हैं।
  2. अहमदाबाद और सूरत के बाद अब वडोदरा विस्तार का अगला बड़ा केंद्र है।
  3. आईटी पार्क, हाउसिंग सोसाइटियों और एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों में 'बिलो द लाइन' रणनीति के तहत सीधा संपर्क बढ़ाया जा रहा है।
  4. गुजरात पुलिस के साथ SOS इंटीग्रेशन से सुरक्षा बढ़ाई गई है।
  5. सोमनाथ और द्वारका जैसे तीर्थ स्थलों के लिए विशेष रूट कनेक्टिविटी दी गई है।
  6. अब तक 10,000 से अधिक ड्राइवरों को डिजिटल लिटरेसी और सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
  7. मेट्रो, जीएसआरटीसी और एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ इंटीग्रेटेड ट्रांजिट सिस्टम विकसित किया गया है।

अहमदाबाद रिक्शा चालक एकता यूनियन के प्रेसिडेंट अजय कुमार गुप्ता ने कहा, "यह 'अपने भारत की कंपनी' है। इसमें कोई कमीशन नहीं लिया जाता और अप्रूवल मात्र 12 घंटे में मिल जाता है। सभी सारथियों से अपील है कि वे इससे जुड़ें।"भारत टैक्सी न केवल ड्राइवरों की आय और गरिमा बढ़ा रही है, बल्कि यात्रियों को सस्ती, पारदर्शी और सुरक्षित सेवा मुहैया कराते हुए सहकारिता मॉडल को डिजिटल युग में नई पहचान दे रही है।

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