UP के जिलों में आंधी-तूफान से भारी तबाही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाला मोर्चा; अधिकारियों को दिए आकलन के निर्देश
लखनऊ । उत्तर भारत में भीष्ण गर्मी और हीटवेव के बीच, अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं तेज हवाओं के साथ बारिश और तूफान ने मौसम तापमान में गिरावट ला दी है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली लेकिन इस यूपी में कई जगहों पर हादसे भी हुए। जिसको देखते हुए सीएम योगी ने हादसों का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को इस बारिश और तूफान से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने अति वर्षा, आकाशीय बिजली और आंधी से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का आकलन कर प्रभावित लोगों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराये जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में जाकर प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों से कहा गया है कि वे प्रभावित परिवारों से लगातार संवाद बनाए रखें और उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराएं। बता दें कि यूपी के कई जिलों में 28 मई रात तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इस दौरान कई जगहों पर खंभे उखड़ गए, जिससे बिजली की आपूर्ति बाधित हुई। यूपी के कई अन्य जिलों में भी यही हाल देखने को मिला।
प्रसिद्ध मां शाकुम्बरी शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक
यूपी के सहारनपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध मां शाकुम्बरी देवी शक्तिपीठ क्षेत्र में शुक्रवार तड़के भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण अचानक आई भीषण बाढ़ से हालात गंभीर हो गए। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में 48 घंटे का हाईअलर्ट घोषित करते हुए श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार थाना मिर्जापुर क्षेत्र स्थित मां शाकुम्बरी देवी मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में बीती रात करीब ढाई बजे तेज बारिश और ओलावृष्टि के बाद अचानक जलस्तर बढ़ गया, जिससे कई दुकानें, वाहन और अस्थायी ढांचे बाढ़ की चपेट में आ गए।
इस आपदा में एक अज्ञात महिला समेत दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में सावित्री देवी पत्नी चंद्रभान का नाम शामिल है। इसके अलावा तीन श्रद्धालुओं के लापता होने की भी सूचना है, जिनकी तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है। थाना मिर्जापुर के प्रभारी निरीक्षक सूबे सिंह ने बताया कि बाढ़ के तेज बहाव में दर्जनों वाहन बह गए तथा कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे पूरे क्षेत्र में घंटों तक बिजली व्यवस्था बाधित रही।
जालौन में बिजली व्यवस्था ध्वस्त, कई मार्गों पर यातायात बाधित
जालौन में गुरुवार की रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम और लगभग 80 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। जिले की विभिन्न तहसीलों और ब्लॉकों में कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े, बिजली के खंभे टूट गए और टीनशेड उड़कर दूर जा गिरे। तूफान के चलते लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। उरई, कालपी, कोंच, माधौगढ़ और ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण कई मकानों की दीवारें और टीनशेड गिर गए, जिससे बच्चों समेत आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल उरई में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। तूफान के कारण शहर के मुख्य मार्गों के साथ-साथ ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी यातायात प्रभावित रहा। कई जगह सड़क पर बड़े पेड़ गिर जाने से घंटों तक वाहन फंसे रहे और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उरई-राठ मार्ग पर हाई टेंशन लाइन का एक विशाल बिजली खंभा अचानक सड़क पर गिर पड़ा। खंभे के साथ बिजली के तार भी सड़क पर फैल गए, जिससे मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
देवरिया में बारिश से देवरिया में जलजमाव की स्थिति
देवरिया में शुक्रवार सुबह अचानक मौसम परिवर्तन तथा बारिश के कारण जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। आज यहां सुबह मेघ गर्जना,तेज हवा और अचानक बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हुआ हैं।शहर के कई क्षेत्रों में जल जमाव की स्थिति बन गई है। देवरिया के कलेक्ट्रेट परिसर और दिवानी कचहरी भारी जल जमाव देखा जा रहा है। अचानक बारिश को देखते हुए वकीलों तथा वादकारियों का समय से कचहरी न पहुंचने के कारण कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने जिला जज और जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजकर अपने अधिनस्थ न्यायालयों में इस स्थिति को देखते हुए सामान्य तिथि लगाने की मांग किया है।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि आज किसी वादकारी तथा वकील के न आने पर मुकदमें कोई प्रतिकूल आदेश न पारित करने का निवेदन किया है। आज की बारिश से शहर के कई क्षेत्र जलमग्न दिखाई दे रहे हैं। शहर के लोगों का कहना है कि शहरीकरण, अनियोजित निर्माण और अक्सर मानसून से पहले नालों की पर्याप्त सफाई न होने के कारण शहरों में जल-निकासी की व्यवस्था फेल हो जाती है तथा जलवायु परिवर्तन के कारण भी कम समय में अत्यधिक बारिश होने से अचानक जलजमाव जैसी स्थिति बन जाती है।
वाराणसी में आंधी-बारिश के चलते जगह-जगह गिरे पेड़
वाराणसी में शुक्रवार भोर आए तेज आंधी और बारिश ने छावनी क्षेत्र में व्यापक असर डाला। अलग-अलग स्थानों पर लगभग आधा दर्जन पेड़ उखड़कर गिर गए, जिससे कई मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया।राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। छावनी स्थित लाल चर्च के पास तेज आंधी के दौरान एक विशाल पेड़ उखड़कर गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में वहां खड़ा एक टेम्पो ट्रैवलर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि चर्च की दीवार को भी हल्का नुकसान पहुंचा। इसी प्रकार मिंट हाउस स्टेशन मार्ग पर भी एक बड़ा नीम का पेड़ गिर गया, जिससे मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।
सूचना मिलते ही छावनी प्रशासन मौके पर पहुंचा और पेड़ हटवाकर बाधित मार्ग को बहाल कराया। इसके अलावा 39 जीटीसी के गेट नंबर-6 के समीप भी एक पेड़ गिरने की सूचना मिली। आंधी-बारिश के कारण छावनी क्षेत्र के कई हिस्सों में पेड़ गिरने से लोगों को देर रात तक परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने रात में ही राहत एवं सफाई कार्य शुरू कर दिए। इसके साथ ही बीएचयू ट्रामा सेंटर के सामने, गोदौलिया, बीरदोपुर, महमूरगंज सहित कई इलाकों में जलजमाव की समस्या भी उत्पन्न हो गई।
कई जिलों में आंधी-बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी
बता दें कि कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, आगरा, मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, हरदोई, लखीमपुर खीरी, इटावा, औरैया, संत रविदास नगर, मिर्जापुर और सोनभद्र समेत कई जिलों में मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग ने 31 मई तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।
आंधी-बारिश के बीच कौशाम्बी में ढहा कच्चा मकान
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में गुरुवार देर रात तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई। जिलेभर में बड़ी संख्या में पेड़ धराशायी हो गए, टहनियां टूटकर उड़ गईं तथा कई स्थानों पर छप्पर और टीनशेड क्षतिग्रस्त हो गए। तेज आंधी के कारण आम और महुआ की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के दूनी तिवारी का पुरवा गांव में तेज आंधी और बारिश के दौरान एक कच्चे मकान पर नीम का हरा पेड़ गिर गया, जिससे मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया।
मां और दो मासूम बच्चों की मौत
हादसे में मलबे में दबकर मां समेत दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा गुरुवार मध्य रात्रि के बाद हुआ। मृतकों की पहचान 28 वर्षीय माया देवी, उसके चार वर्षीय पुत्र अनुभव और तीन वर्षीय पुत्री श्वेता के रूप में हुई है। वहीं पांच वर्षीय पुत्र अंकुश गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार तेज आंधी के चलते जिले में 25 प्रतिशत से अधिक आम के फल पेड़ों से टूटकर गिर गए, जबकि महुआ की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
