Kannauj News : पूर्व सपा नेता नवाब सिंह यादव और उनके भाई को 8-8 साल की सजा, पूजा तोमर को 6 साल की कैद, जानें मामला

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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कन्नौज, अमृत विचार। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) रजनीश मोहन वर्मा ने जिले के चर्चित मामले की सुनवाई करते हुए पूर्व सपा नेता नवाब सिंह यादव, उसके भाई वीरपाल उर्फ नीलू यादव दोषी पाते हुए 08-08 साल के कठोर कारावास तथा 10-10 लाख रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।

जुर्माना न देने की दशा में दोनों को दो-दो साल की कैद और भुगतने का आदेश दिया है। इसी गिरोह की सदस्या पूजा तोमर को अपराध में सीमित भूमिका तथा महिला होने के नाते छह साल की जेल तथा पांच लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर एक साल की जेल और भुगतनी होगी।

बताते चलें कि 11 अगस्त 2024 की रात पूर्व ब्लाक प्रमुख रहे पूर्व सपा नेता नवाब सिंह यादव पुत्र चेतराम निवासी अडंगापुर को उनके ही चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय से किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बताया गया था कि पीड़िता को उसकी सगी बुआ पूजा तोमर पत्नी पुष्पेंद्र निवासी ग्राम पड़ेरा, थाना फतेहगंज पूर्वी जनपद बरेली, हाल पता ग्राम बिनौरा रामपुर, थाना तिर्वा जनपद कन्नौज ही आरोपी के पास लेकर पहुंची थी। 

पीड़िता की ओर से पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद विवेचना शुरू हुई तो भाई नीलू ने साक्ष्य मिटाने तथा जांच प्रभावित करने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने उसे भी प्रकरण में सह आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सह आरोपी बुआ पूजा को भी गिरफ्तार किया। नवाब पर 11, भाई नीलू पर 20 तथा पूजा पर एक मुकदमा दर्ज होने पर गैंगचार्ट तैयार किया गया जिसमें नवाब को गैंगलीडर दर्शाया गया। 

तत्पश्चात तीनों पर इंस्पेक्टर कपिल दुबे ने सदर कोतवाली में 27 सितंबर 2024 को गैंगस्टर एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 04 दिसंबर 2024 को अभियोग पत्र प्रस्तुति, 23 जून 2025 को आरोप विरचित किए गए। मामले में सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष कुल आठ गवाह पेश किए गए। आरोपी पक्ष के वकील ने भी दलीलें पेश कीं।

इस दौरान अभियोजन की पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधवक्ता बृजेश शुक्ला की ओर से दलील दी गई कि आरोपियों की ओर से आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से धन अर्जित कर संपत्तियां बनाईं। उनके भय से कोई भी व्यक्ति उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने या बोलने का साहस नहीं कर पाता था। 

विभिन्न प्रकरणों का भी जिक्र किया गया कि जो भी मुकदमे लिखाए जाते, उनमें बाद में समझौता होने के साथ ही नवाब को दोषमुक्ति मिल जाती। कहा गया कि अधिकांश में ऐसा होना कोई सामान्य बात नहीं है। यह भी कहा कि मुख्य आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट में मुकदा विचाराधीन है। अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता अशोक जैन ने पैरवी की। 

प्रकरण में 25 मई 2026 को निर्णय सुरक्षित कर लिया गया था। गुरुवार 29 मई को विशेष न्यायाधीश ने तीनों को दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाई। तीनों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। चूंकि तीनों ही अभियुक्त अलग-अलग जेल में बंद हैं तो उनके सजायाबी वारंट बनाकर जेल भेजने के आदेश दिए। यह भी आदेश दिया है अभियुक्तों द्वारा जेल में बिताई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।

यह था पूरा मामला

वर्ष 2024 की 11/12 अगस्त की रात एक किशोरी (15) ने 112 नंबर कॉल कर चौधरी चंदन सिंह कॉलेज में पूर्व ब्लॉक प्रमुख व सपा नेता तथा कालेज के अध्यक्ष नवाब सिंह यादव द्वारा नौकरी के बहाने से बुलाने तथा उसके साथ अश्लील हरकतें करने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस पहुंची तो नवाब बिस्तर पर लेटा मिला और किशोरी के शरीर पर भी कम कपड़े थे। इस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान किशोरी को लेकर पहुंची बुआ पूजा भी वहीं बैठी मिली थी। बताया गया कि बुआ जब टॉयलेट चली गई तो आरोपी ने किशोरी के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। 

पीड़िता की और से रिपोर्ट दर्ज कराई गई और 12 अगस्त को ही आरोपी को जेल भेज दिया गया। 13 अगस्त को पीड़िता के बयान दर्ज किए गए और फिर मामले में दुष्कर्म की धारी की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 16 अगस्त को पूजा तोमर अचानक से पलट गई और कहा कि आरोपी को साजिशन फंसाया गया है। इसके बाद वह गायब हो गई। 

पुलिस ने छह टीमें लगाकर 21 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया। तत्पश्चात आरोपी के भाई नीलू पर जांच प्रभावित करने के लिए रुपयों के आदान प्रदान की बात सामने आई जिसमें रुपये बुआ के परिचित के खाते में भेजा गया था। इसके बाद पुलिस ने पूजा व नीलू को भी सह आरोपी बना लिया। जांच के क्रम में पुलिस ने दोनों भाइयों का आपराधिक इतिहास तैयार किया और फिर उनके समेत बुआ पर भी 27 सितंबर 2024 को गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी।

यहां यह भी बताते चलें कि पूजा को नवंबर 24 में ही जमानत मिल गई थी। इसके बाद से वह फरार थी जिसे इसी वर्ष पुलिस ने 27 मार्च को सहारनपुर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। साध्वी के वेश में पकड़ी गई आरोपी को कोर्ट से जिला जेल भेज दिया गया था। वहीं मुख्य अभियुक्त पीएसएम कॉलेज मंो करीब दो दशक पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रहा था। इसके बाद ही समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तो उसका रुतबा मिनी मुख्यमंत्री का हो गया। नजदीकियां तब बढ़ीं जब अखिलेश कन्नौज से सांसद चुने गए थे।

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