UP News: 17 दिन से अन्न त्याग चुके महंत ने अब दी समाधि की चेतावनी, मंदिर जीर्णोद्धार की है मांग
बिलसंडा, अमृत विचार। नगर से सटे प्राचीन श्रीसिद्ध लंगड़े बाबा देवस्थल के महंत सत्यगिरी और प्रशासन के बीच मंदिर जीर्णोद्धार को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गरमाया है। मंदिर के विकास कार्यों की मांग पूरी न होने से नाराज महंत ने अन्न त्यागे 17 दिन पूरे होने का दावा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर समाधि लेने की चेतावनी दी है। इधर, महंत की तबीयत बिगड़ने की जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सोमवार को पहुंची और उनका चेकअप किया।
बता दें कि करीब दो माह पूर्व भी महंत सत्यगिरी ने मंदिर के जीर्णोद्धार और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर 11 दिनों तक अनशन किया था। उस समय हालात इतने गंभीर हो गए थे कि समाधि स्थल तक चिन्हित कर दिया गया था। सूचना मिलने पर तहसील और पुलिस प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और संत समाज के लोग मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने मांगें पूरी कराने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद तत्कालीन थाना प्रभारी ने महंत को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया था।
बीते दिनों उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए अपनी किडनी बेचने तक की बात कही थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। काफी समय बाद भी मांगों पर कोई कार्य न होने पर महंत सत्यगिरी ने अन्न त्यागने की बात कही। उनके अनुसार, वह पिछले 17 दिनों से अन्न का त्याग किए हुए हैं और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। इसे लेकर उन्होंने ट्वीट भी किया। जिसमें लिखा कि 17 दिन से अन्न त्यागने के बाद तबीयत बिगड़ रही है लेकिन इसके बावजूद कोई जिम्मेदार सुध लेने नहीं पहुंचा है।
मांगें पूरी न होने पर उन्होंने समाधि लेने की चेतावनी भी दी। महंत का आरोप है कि आश्वासन के बाद भी दो माह में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सोमवार को स्वास्थ्य बिगड़ने की सूचना पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम आश्रम पहुंची और महंत का स्वास्थ्य परीक्षण किया। बता दें कि महंत सत्यगिरी ने मंदिर के जीर्णोद्धार के साथ आश्रम तक पक्की सड़क निर्माण, नगर की पुलिया बनवाने और मॉडल शौचालय निर्माण आदि मांग रखी है।
