बुंदेलखंड में 1.51 लाख करोड़ निवेश का रास्ता साफ, BIDA Master Plan-2045 को पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी
लखनऊ, अमृत विचार: बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के मास्टर प्लान-2045 को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्र सरकार से पर्यावरणीय स्वीकृति मिल गई है। इस मंजूरी के साथ ही क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक, आवासीय, संस्थागत और वाणिज्यिक विकास परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सरकार का दावा है कि वर्ष 2045 तक इस परियोजना के माध्यम से 1.51 लाख करोड़ रुपये के निवेश और छह लाख से अधिक रोजगार सृजन का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने के बाद अब मास्टर प्लान के विभिन्न चरणों को तेजी से लागू किया जा सकेगा। योजना का उद्देश्य औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ आधुनिक शहरी सुविधाओं से युक्त संतुलित और टिकाऊ विकास मॉडल तैयार करना है। बीडा मास्टर प्लान में औद्योगिक, आवासीय, संस्थागत और वाणिज्यिक क्षेत्रों का स्मार्ट इंटीग्रेशन किया गया है। प्रमुख लॉजिस्टिक कॉरिडोर और परिवहन नेटवर्क के अनुरूप औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जिससे निवेशकों को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। सरकार का मानना है कि इससे बुंदेलखंड राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत पहचान बनाएगा।
योजना के तहत विकसित होने वाले औद्योगिक क्षेत्र न केवल निवेश आकर्षित करेंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित करेंगे। बीडा मास्टर प्लान-2045 को बुंदेलखंड को औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से नई पहचान देने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।
