अयोध्या में शो-पीस बनीं ओवरब्रिज कैंटीनें: 2 साल से बंद, सेतु निगम-नगर निगम में फंसा पेंच
अयोध्या, अमृत विचार : रामनगरी में विकास कार्यों के बीच कुछ निर्माण महज शो-पीस बनकर रह गए हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व अयोध्या में बनाई गई टेढ़ी बाजार, उदया चौराहा ओवरब्रिज के नीचे बनाई गईं कैंटीनें आज भी बंद पड़ी हैं। सूत्र बताते हैं कि सेतु निगम व अयोध्या नगर निगम के बीच किराए व रखरखाव को लेकर सहमति नहीं बनने से संचालन नहीं हो पा रहा है।
टेढ़ी बाजार व उदया ओवरब्रिज के नीचे बनी कैंटीन आकर्षक डिजाइन के साथ तैयार की गई थी। यहां बैठने की अच्छी व्यवस्था, मॉड्यूलर किचन और स्वच्छता के लिए जरूरी सुविधाएं लगाई गईं। यही नहीं इसके आसपास हरे-भरे लॉन, वाक-वे और पार्क आदि भी बनाए गए हैं। इन सभी निर्माणों पर सेतु निगम ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इन कैंटीनों को शुरू करने से रोजगार के अवसर पैदा होते। श्रद्धालु व पर्यटकों को सुविधा भी मिलती, लेकिन निर्माण के दो वर्ष बाद भी इन दोनों कैंटीनों में ताला जड़ा हुआ है। लोगों का आरोप है कि रात में यह जगह अब अराजक तत्वों का अड्डा बन चुकी है। हालांकि यहां पर सेतु निगम द्वारा माली, गार्ड आदि की तैनाती भी की गई है। हालांकि अभी हाल में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज ओवरब्रिज के नीचे इसी तरह की कैंटीन का संचालन शुरू कर दिया गया है। यह एडीए के अधीन है।
रखरखाव व किराए को लेकर फंसा है पेंच
जानकारी के अनुसार इन कैंटीनों के संचालन में प्रशासनिक समस्या आ रही है। उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने इन ओवरब्रिजों के साथ-साथ नीचे की कॉमर्शियल स्पेस का निर्माण कराया है। सूत्र बताते हैं कि नगर निगम इन कैंटीनों को चाहता था, उसका कहना था कि सेतु निगम उन्हें हैंडओवर करें तो वह इन्हें किराए पर दे सके और रखरखाव कर सके। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सेतु निगम का कहना है कि निर्माण उनका था, इसलिए हैंडओवर के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी निगम की होगी। वहीं नगर निगम कुछ बिंदुओं पर स्पष्टिकरण और अतिरिक्त सुविधाएं चाहता है। इस उलझन में पूरा प्रोजेक्ट अटका पड़ा है। फिलहाल नगर निगम के अधिशासी अभियंता निर्माण राजपति यादव इन बातों को निराधार मानते है, उनका कहना है कि नगर निगम ने सिर्फ ओवरब्रिज पर लगी लाइटों के रखरखाव का जिम्मा लिया है।
