बरेली: 1.20 करोड़ रुपये पी गये नाले, ‘जाम’ ने खोली पोल
अमृत विचार, बरेली। नगर निगम ने 1.20 करोड़ रुपये से छह माह पहले शहर के नालों की सफाई कराई थी पर सफाई व्यवस्था में चूक और कूड़ा, प्लास्टिक को नाला में जाने से रोकने के उपाय न होने के कारण इनकी स्थिति पहले जैसी ही होती जा रही है। वहीं, कई बड़े नाले इस बार …
अमृत विचार, बरेली। नगर निगम ने 1.20 करोड़ रुपये से छह माह पहले शहर के नालों की सफाई कराई थी पर सफाई व्यवस्था में चूक और कूड़ा, प्लास्टिक को नाला में जाने से रोकने के उपाय न होने के कारण इनकी स्थिति पहले जैसी ही होती जा रही है। वहीं, कई बड़े नाले इस बार भी साफ नहीं हुए। इसके चलते कई मोहल्लों में लोगों के घर के पास नालों का पानी जमा हो रहा है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी नालों में कूड़ा देखने को मिल रहा है।
शहर में छोटे-बड़े करीब 176 नाले हैं। इनमें से 19 नालों की सफाई ठेके पर करवाने का निगम दावा कर रहा है। बाकी के नाले निगम ने सेवा प्रदाता एजेंसी से साफ करवाए हैं। ठेके पर नालों की सफाई के लिए करीब सवा करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। 65 जगह नालों में अटकता कूड़ा नगर निगम के लोगों के लिए मुसीबत बन गया है।
शहर के सुभाष नगर मोहल्ले में चर्च वाली गली में एक सप्ताह से अधिक समय से पानी जमा है। चौपुला की ओर से आने वाला बड़ा नाला चोक होने के कारण मोहल्ले के छोटे नालों में उसका पानी जा रहा है। मोहल्लेवासियों ने नगर निगम से कई बार शिकायत की लेकिन अभी तक समस्या का निदान नहीं हो सका है।
प्रेमनगर के जाटवपुर नाले की सफाई इस साल भी नहीं की गई है। इसके कारण नाला चोक हो चुका है। इसके आसपास रहने वाले लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। जगतपुर का बड़ा नाला कूड़ा करकट से भरा हुआ है। सिकलापुर के बड़े नाले की सफाई व्यवस्था जिम्मेदारों की पोल खोल रही है। इस वजह से लोगों के घरों के पास तक गंदा पानी जमा हो रहा है।
कई बार नगर निगम से शिकायत की गई है लेकिन अभी तक नाला साफ नहीं हो सका है। शिकायत प्रकोष्ठ के नम्बर पर भी फोन करने से समस्या का सामाधान नहीं हो पाया है। इसके कारण हम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। – शुभम कुमार, स्थानीय निवासी
25 दिसम्बर को चर्च में कार्यक्रम था, इसके बावजूद नाले की सफाई नहीं की गई। चर्च में आने-जाने वाले लोगों को गंदे पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा है। इसकी लिखित शिकायत करने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। जिम्मेदार अफसर जन समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। – आशा राबिनसन, स्थानीय निवासी
सड़क पर नाले का पानी जमा है। घर से बाहर निकलने में डर लगता है। चर्च में आने-जाने वाले लोगों के कपड़े गंदे हो जाते हैं। किसी तरह ईंट रखकर आने-जाने के लिए रास्ता बनाया गया है। नाले का पानी काफी दिनों से गली में जमा है। – रोजलिन मेस्सी, स्थानीय निवासी
सड़क पर गंदा पानी होने से दुर्गंध से जीना दूभर हो गया है। शाम के वक्त घर से निकला कठिन है क्योंकि अंधेरे में पानी के कारण लोग गिर जा रहे हैं। जलभराव से घरों के सामने पानी जमा हुआ है लेकिन शिकायत करने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है। – मीनाक्षी कपूर, स्थानीय निवासी
बड़े नाले की सफाई न होने के कारण छोटे नाले में पानी आ रहा है। इससे मोहल्ले में जलभराव हो गया है। गलियों में जलभराव होने से लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। कोई भी अपने दरवाजे पर बैठना तो दूर खड़ा तक नहीं होना चाह रहा है। – मीना, स्थानीय निवासी
कुछ दिन पूर्व नाले की सफाई कराई गई। अगर कहीं नाला जाम हो गया है तो टीम भेजकर सफाई कराई जाएगी। मेरे पास अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत नहीं आई है। – अशोक कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
