बरेली: डार्क वेबसाइट पर सजा फर्जी कोरोना वैक्सीन का बाजार
बरेली। कोरोना को नियंत्रित करने के लिए वैक्सीन आने से पहले ही साइबर अपराधियों ने फर्जी वैक्सीन और दवाओं का बाजार डार्क वेबसाइट पर सजा दिया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, वेबसाइटों पर आ रही इस तरह की भ्रामक सूचनाओं में लोग न आएं। जब तक सरकार की ओर से वैक्सीन और दवाओं की उपलब्धता …
बरेली। कोरोना को नियंत्रित करने के लिए वैक्सीन आने से पहले ही साइबर अपराधियों ने फर्जी वैक्सीन और दवाओं का बाजार डार्क वेबसाइट पर सजा दिया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, वेबसाइटों पर आ रही इस तरह की भ्रामक सूचनाओं में लोग न आएं। जब तक सरकार की ओर से वैक्सीन और दवाओं की उपलब्धता न करा दी जाए तब तक लोग ऐसी दवाओं और वैक्सीन से दूर ही रहें।
कोरोना की वैक्सीन और दवा का सभी को इंतजार है। ऐसे में फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने वाले साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। वेबसाइटों पर वैक्सीन और दवाओं की उपलब्धता, साथ ही इससे निजात दिलाने संबंधी सूचनाएं लगातार आ रही हैं। कुछ लोग इन ऑनलाइन सूचनाओं के झांसे में आकर ठगी का शिकार हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यालय में भी ऐसी ही कई शिकायतें आईं हैं। बताया जा रहा है कि साइबर अपराधी डार्क नेट के माध्यम से वेबसाइट पर कोरोना की दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता कहकर फ्रॉड करने में जुट गए हैं। बदले में ऑनलाइन भुगतान की मांग की जा रही है। भुगतान के बाद वेबसाइट को बंद भी कर दिया जाता है।
यह वेबसाइट गूगल सर्च इंजन में भी नहीं आती है। सीएमओ डा. वीके शुक्ल के मुताबिक, अभी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। अगर किसी वेबसाइट पर ऐसा आ रहा है तो वह पूरी तरह फर्जी है। वैक्सीन और दवा की उपलब्धता की घोषणा जब तक सरकार न कर दे तब तक किसी भी बहकावे में आएं।
