Encounter: भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद भारी बवाल, परिजनों ने लगाया फर्जी मुठभेड़ का आरोप
आरा-बक्सर फोरलेन पर शव रखकर ग्रामीणों का हंगामा, पुलिस और परिजनों के दावों में उलझा मामला
भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में एक बार फिर पुलिस एनकाउंटर को लेकर तनाव का माहौल बन गया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए युवक भरत भूषण तिवारी की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर आरा-बक्सर फोरलेन को पूरी तरह जाम कर दिया और जमकर हंगामा किया। ग्रामीण मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं।
फर्जी एनकाउंटर का दावा
भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद उसके पिता और परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने ये आरोप लगया है कि सरेंडर के बाद पुलिस ने मार डाला। परिवार का आरोप है कि यह पूरी तरह से एक कथित फर्जी पुलिस एनकाउंटर है।
सरेंडर के बाद गोली मारने का आरोप
परिजनों का कहना है कि युवक ने पुलिस के सामने सरेंडर (आत्मसमर्पण) कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। पिता ने रोते हुए कहा कि पुलिस ने जानबूझकर उनके बेटे को मार डाला है।
पुलिस का दावा
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर पुलिस का अपना अलग दावा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 'युवक ने पहले फायरिंग की थी । पुलिस टीम जब कार्रवाई करने पहुंची। तो युवक ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ (Self-defense) में पुलिस की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें युवक गोली लगने से घायल हो गया। घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आरा-बक्सर फोरलेन जाम, इलाके में तनाव का माहौल
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युवक की मौत की खबर फैलते ही बिलौटी गांव और आसपास के ग्रामीण उग्र हो गए। ग्रामीणों ने शव के साथ सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे आरा-बक्सर फोरलेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारी मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
