Hardoi News : हरदोई में निर्माणाधीन पुल की बीम गिरने से 4 मजदूर घायल, आला अधिकारी मौके पर पहुंचे

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Published By Deepak Mishra
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हरदोई। उत्तर प्रदेश में हरदोई जिले के बेहटा गोकुल क्षेत्र में एनएच-731 लखनऊ-शाहजहाँपुर मार्ग पर शारदा नहर पर बन रहे ब्रिज निर्माण के दौरान सोमवार सुबह गार्डर लॉन्चिंग के समय संतुलन बिगड़ने से ढांचा अचानक गिर गया। इस दुर्घटना में चार मजदूर घायल हो गए हैं, जिनमे दो को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। राहत की बात यह है कि हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुये घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिये हैं और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर कराये जाने को कहा है। अधिकृत सूत्रों ने बताया कि आज सुबह लगभग साढ़े दस बजे थाना बेहटा गोकुल के अंतर्गत ग्राम सैदपुर में शारदा नहर पर निर्माणाधीन ब्रिज के निर्माण का काम चल रहा था। 

गर्डर लॉन्चिंग के समय अचानक इलास्टोमेरिक इफेक्ट के कारण कम्प्रेशन हुआ, जिससे क्रेन असंतुलित हो गई और भारी-भरकम गर्डर नीचे गिर गया। हादसे में ऊपर मौजूद चार मजदूर घायल हो गए जिनमे दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कालेज भेजा गया है। 

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस बल के साथ आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। मलबे के नीचे किसी के दबे होने की आशंका को देखते हुए तत्काल खुदाई और मलबा हटाने का काम शुरू कराया गया। दुर्घटना में दो मजदूर घायल हुए हैं, जिनकी पहचान राहुल पुत्र छोटेलाल जिसके हाथ में चोट आई है जबकि दूसरा राजेश्वर पुत्र गेंदालाल के सिर में चोट आई है।

दोनों घायलों को पहले सीएचसी टोडरपुर में प्राथमिक उपचार देकर उनकी स्थिति को स्थिर किया गया, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। मौके पर एहतियात के तौर पर पूरा मलबा हटाने का काम जारी है ताकि इस बात की तसल्ली मिल सके कि कोई अन्य व्यक्ति वहां दबा न हो।

दोबारा हुआ हादसा तो एनएचएआई भड़के डीएम

यह बात भी सामने आई है कि इसी जगह पर करीब एक-डेढ़ महीने पहले भी इसी तरह का एक हादसा हो चुका है। जिसके बाद जिलाधिकारी अनुनय झा ने बार-बार हो रही इन लापरवाहियों को गंभीरता से लेते हुए नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को सख्त निर्देश दिए हैं। एनएचएआई को पूरी घटना की विस्तृत जाँच करने और एक विस्तृत आकलन रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इसके साथ ही निर्माण कार्य की नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग स्ट्रेंथ टेस्टिंग और अलाइनमेंट का पूरा ओवरव्यू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसा कोई हादसा न हो और उच्च गुणवत्ता का ओवरब्रिज तैयार किया जा सके। 

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