लखीमपुर खीरी : उपायुक्त एनआरएलएम का घेराव कर महिलाओं ने किया प्रदर्शन

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Published By Pradeep Kumar
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करोड़ों के घोटाले में एक माह बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज थी महिलाएं

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। निघासन विकासखंड क्षेत्र के बेलरायां स्थित आदर्श प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ समिति (सीएलएफ) में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में एक माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से महिलाएं भड़क गईं। सीएलएफ बेलरायां और नया सवेरा निघासन से जुड़ी सैकड़ों महिलाएं विकास भवन पहुंची। उपायुक्त (डीसी) एनआरएलएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। उन्हें ज्ञापन देकर बेलरायां सीएलएफ के पदाधिकारियों पर कार्रवाई न करने और चुनाव न कराए जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद सीडीओ से मिली और डीसी एनआरएलएम पर संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा बताई। सीडीओ ने डीसी एनआरएलएम को दस दिन के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीएम कार्यालय पर भी प्रार्थना पत्र दिया गया है।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि बेलरायां सीएलएफ में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत लंबे समय से की जा रही है, लेकिन एक माह बाद भी अब तक दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। प्रदर्शनकारियों ने डीसी एनआरएलएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई करने तथा लंबे समय से लंबित चुनाव प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की। यहां से महिलाएं सीडीओ अभिषेक कुमार से मिलीं। महिलाओं ने सीडीओ को बताया कि डीसी एनआरएल जितेंद्र कुमार मिश्रा मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। महिलाओं ने डीएम को भी प्रार्थना पत्र देकर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। शिकायत के अनुसार राष्ट्रीय  ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत संचालित बेलरायां सीएलएफ की अध्यक्ष सुनीता, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी और सचिव सुकेता तिवारी ने नियमों को दरकिनार करते हुए विभिन्न ग्राम संगठनों और स्वयं सहायता समूहों में लाखों रुपये की धनराशि ट्रांसफर की।

आरोप है कि बिना डिमांड और बिना एमसीपी (माइक्रो क्रेडिट प्लान) के ग्राम संगठन पचपेड़ा को 11 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि इस धनराशि का लाभ संबंधित समूहों तक नहीं पहुंच पाया। कई अन्य मामलों में भी नियमों की अनदेखी कर धनराशि का हस्तांतरण किया गया। साईं प्रेरणा संगठन की रुखसार के खाते में भी नौ लाख रुपये भेजे गए। शिकायत के बाद गठित तीन सदस्यीय जांच टीम को वित्तीय गड़बड़ियां मिलीं, लेकिन किसी भी पदाधिकारी के वित्तीय अधिकार सीज नहीं किए गए और न ही उन्हें पद से हटाया गया। एनआरएलएम की गाइडलाइन के अनुसार सीएलएफ पदाधिकारियों का कार्यकाल दो वर्ष का होता है, जबकि बेलरायां सीएलएफ की अध्यक्ष करीब दस वर्षों से अधिक समय से पद पर बनी हुई हैं। नया सवेरा निघासन का भी चुनाव नहीं हुआ है। सीडीओ ने महिलाओं को आश्वस्त करते हुए डीसी एनआरएलएम को मामले में दस दिन के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

इन खातों में नियम विरुद्ध भेजे गए लाखों रुपये 
आरोप है कि कृष्णा ग्राम संगठन शीतलापुर से मां लक्ष्मी समूह को दो लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, जबकि संबंधित समूह संगठन का सदस्य नहीं है। इसी प्रकार शक्ति ग्राम संगठन जसनगर को 11 लाख रुपये दिए गए, जबकि वह सीएलएफ से संबद्ध नहीं बताया गया है। इसके अलावा प्रकाश प्रेरणा ग्राम संगठन उमरा को भी 5.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने का आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि 107 ग्राम संगठनों में से 23 ग्राम संगठनों को करीब चार करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई, जिसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार किया गया। जब उन्होंने इन मामलों का विरोध किया और शिकायत दर्ज कराई तो 20 मई 2026 को बिना कार्यकारिणी की बैठक, बिना कारण बताओ नोटिस और बिना किसी स्पष्ट प्रक्रिया के कई बुक कीपरों को पद से हटा दिया गया।

बेलरायां सीएलएफ की जांच अभी जारी है। अब तक करीब 8 ग्राम संगठनों की जांच में जो वित्तीय गड़बड़ी मिली है। उसका संबंधित को नोटिस जारी किया जा रहा है। सभी से एक-एक रुपये की वसूली की जाएगी। नया सवेरा सीएलएफ के पदाधिकारियों का 6 जुलाई को चुनाव कराया जाएगा। -जितेंद्र कुमार मिश्रा डीसी मनरेगा।

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