Barabanki News: डिजिटल पहचान की ओर बढ़ा रामसनेहीघाट, 14 वार्डों के 5636 भवन GIS मैप पर होंगे दर्ज
(रिशू गुप्ता) रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार: आकांक्षी नगर योजना के तहत चयनित रामसनेहीघाट नगर पंचायत में जीआईएस आधारित डिजिटल मैपिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। नगर पंचायत के सभी 14 वार्डों में स्थित 5636 मकान और दुकानों को डिजिटल मैप पर दर्ज किया जा रहा है, जिससे नगर क्षेत्र की भौगोलिक एवं सामाजिक संरचना का संपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।
इस परियोजना का कार्य शेल्टर एसोसिएट्स, पुणे को सौंपा गया है। संस्था के जीआईएस एनालिस्ट मैनेजर प्रदीप वाजे ने बताया कि प्रदेश की करीब 100 नगर पंचायतों में से केवल मोहनलालगंज, बंथरा और रामसनेहीघाट को इस परियोजना के लिए चुना गया था। मोहनलालगंज और बंथरा का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि रामसनेहीघाट में लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है।
जीआईएस एनालिस्ट नरेंद्र कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत प्रत्येक भवन की डिजिटल मैपिंग, यूनिक नंबरिंग, परिवार संबंधी विवरण, उपलब्ध सुविधाओं और भौगोलिक स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। साथ ही घरों और प्रतिष्ठानों पर क्यूआर कोड युक्त स्टीकर लगाए जा रहे हैं, जिन्हें स्कैन करते ही संबंधित भवन की जानकारी और लोकेशन उपलब्ध हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि नगर क्षेत्र की सड़कें, नालियां, विद्यालय, सार्वजनिक नल, गुमटियां, ठेले और सामुदायिक स्थलों को भी डिजिटल मैप पर दर्ज किया जा रहा है, जिससे विकास योजनाएं अधिक सटीक ढंग से बनाई जा सकेंगी।
नगर पंचायत ईओ संतोष चौधरी ने कहा कि इस व्यवस्था से जरूरतमंद परिवारों की पहचान आसान होगी और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाने में मदद मिलेगी। यह पहल रामसनेहीघाट को तकनीकी रूप से सशक्त, स्मार्ट और डेटा आधारित नगर पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
