शेयर बाजार : अमेरिका-ईरान में समझौते की उम्मीद ने भरी निवेशकों की झोली

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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शहर के निवेशकों के पोर्टफोलियो में करीब 6 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी का अनुमान

कानपुर, अमृत विचार। अमेरिका- ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते की दिशा में ठोस पहल से सोमवार को शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी दिखी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 736 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी 231 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। इससे पहले शुक्रवार को भी बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली थी। शेयर बाजार के अलावा सोना-चांदी की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई। हालांकि बाजार में उत्साह के बीच महंगाई के मोर्चे पर चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मई में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर बढ़कर 9.68 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो अप्रैल में 8.26 प्रतिशत थी।

सोमवार को शेयर बाजार में रौनक लौटने का कारण अमेरिका-ईरान के बीच स्थायी समझौते की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती के बीच एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलना रहा। इस माहौल से कानपुर के निवेशकों के पोर्टफोलियो में करीब 6 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया गया। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें दोबारा बढ़ती हैं या आपूर्ति संबंधी बाधाएं लौटती हैं तो महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक को भविष्य में ब्याज दरों को लेकर अधिक सतर्क रुख अपनाना पड़ सकता है।

शेयर बाजार विशेषज्ञ राजीव सिंह के अनुसार बाजार अब नई तेजी के लिए तैयार नजर आ रहा है। निवेशकों को उन मजबूत कंपनियों पर फोकस करना चाहिए, जिनके शेयर पश्चिम एशिया संकट के दौरान भी अपेक्षाकृत स्थिर रहे थे, और जिनकी आय तथा कारोबार की बुनियाद मजबूत है। ऐसी कंपनियां अगले चरण की तेजी में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। 

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