बरेली: रोडवेज बस अड्डे की नहीं लगी एक ईंट, भूमि पर हो गया कब्जा
बरेली, अमृत विचार। सेंट्रल जेल की खाली पड़ी जमीन पर तीसरा बस अड्डा बनने से पहले ही अतिक्रमणकारियों ने उस पर अपना कब्जा जमा लिया है। वहां धड़ल्ले से रेत-बजरी का काम किया जाता है मगर अतिक्रमणकारियों को वहां से कोई हटाने वाला नहीं है जबकि इस जमीन पर बस अड्डा बनाने के लिए डीपीआर …
बरेली, अमृत विचार। सेंट्रल जेल की खाली पड़ी जमीन पर तीसरा बस अड्डा बनने से पहले ही अतिक्रमणकारियों ने उस पर अपना कब्जा जमा लिया है। वहां धड़ल्ले से रेत-बजरी का काम किया जाता है मगर अतिक्रमणकारियों को वहां से कोई हटाने वाला नहीं है जबकि इस जमीन पर बस अड्डा बनाने के लिए डीपीआर भी तैयार किया जा चुका है। कार्यदायी संस्था का भी निर्धारण हो गया है। फिर भी यहां पर कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है। बीते दिनों परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि जमीन को खाली कराकर उस पर जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा।
करीब चार महीने पहले सेंट्रल जेल की जमीन पर तीसरा बस अड्डा बनाने की अनुमति मिल चुकी है। यह जमीन संभागीय परिवहन विभाग के नाम की जा चुकी है। शासन से इस जमीन पर बस अड्डा बनाने की जिम्मेदारी सिडिको कंपनी को दी गई है। यहां लगे पेड़-पौधों को भी काटने की एनओसी वन विभाग ने परिवहन विभाग को दे दी है। यहां की लगभग सभी अड़चनों से छुटकारा मिल चुका है। इसके बाद भी तीसरा बस अड्डा बनने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
प्रोजेक्ट में देरी का आलम यह है कि उस जमीन पर तेजी से अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। वहां रेत-बजरी का कार्य करने वाले कई लोगों ने डेरा जमा लिया है। हद तो इस बात की है कि जमीन के चारों ओर बाउंड्रीवॉल होने के बाद भी उसके अंदर रेता-बजरी डाला जाता है।
तारों को काटकर बना लिया रास्ता
संभागीय परिवहन विभाग के नाम होने से पहले ही इस जमीन के चारों और बनी वाउंड्रीवॉल पर तार लगाए गए थे। लोगों ने इसे काटकर आम रास्ता बना लिया है। लोग इस रास्ते से आना-जाना करते हैं। कई जगहों से इस बाउंड्रीवॉल को तोड़ा भी जा चुका है। इस पर भी किसी का ध्यान नहीं गया है। न तो इस जमीन की रखवाली के कोई चौकीदार लगाया गया है और न ही यहां निर्माण कार्य शुरू हो रहा है। इस जमीन पर बच्चों ने क्रिकेट का मैदान भी बना लिया है।
फिलहाल मुझे इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी नहीं है। इसकी पूरी जानकारी होने के बाद ही मैं इस बारे में कोई जवाब दे पाउंगा। -अतुल जैन, प्रभारी आरएम, बरेली (आरएम मुरादाबाद)
इस जमीन पर तीसरा बस अड्डा बनाने के लिए डीपीआर तैयार हो चुका है। सिडिको कंपनी को इस पर कार्य करने की अनुमति दी गई है। अतिक्रमणकारियों को वहां से जल्द हटवाया जाएगा। शासन के आदेश पर कार्य शुरू किया जाएगा। -चीनी प्रसाद, एआरएम बरेली डिपो
