Bareilly News : कैदी नंबर …754 कारागार से फरार, दिन में भी सोते रहे पहरेदार

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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बरेली, अमृत विचार। राज्य में संवेदनशील जेलों में शुमार केन्द्रीय कारागार बरेली से दुराचारी कैदी के फरार होने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। अफसर दावा कर रहे हैं कि कृषि कार्य कराने के दौरान कैदियों की निगरानी को पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात थे, मगर कैदी दिनेश भागा कैसे, इसका जवाब किसी को देते नहीं बन रहा। जेल भी ऐसी, जहां माफिया सरगना बबलू श्रीवास्तव जैसे अपराधी बंद हैं। फिलहाल जेल की सुरक्षा में लापरवाही को लेकर जेलर नीरज कुमार, डिप्टी जेलर वंदना चौधरी सहित 9 अधिकारी-कर्मचारी सस्पेंड कर दिए गए हैं। मॉनीटरिंग को लेकर सीनियर अफसरों की भूमिका भी सवालों के दायरे में है। शासन इस मामले में और भी बड़ा एक्शन ले सकता है।

बरेली के थाना इज्जतनगर क्षेत्र में स्थित केन्द्रीय कारागार में कितने ही खतरनाक सजायाफ्ता मुजरिम कैद हैं। सुरक्षा के लिहाज से इस जेल को अति संवेदनशील माना जाता है। जेल की बाहरी सुरक्षा को पुलिस के साथ पीएसी तक मुस्तैद रहती है। इसके बाद भी दिन दोपहर कैदी के फरार होने की घटना पूरे जेल सिस्टम पर सवाल निशाना मानी जा रही है।

त्रिस्तरीय है केंद्रीय कारागार की सुरक्षा
केंद्रीय कारागार बरेली की सुरक्षा त्रि-स्तरीय है। यहां सुरक्षा की मजबूती के लिए कई अतिरिक्त सुरक्षा उपकरणों और आधुनिकीकरण का सहारा लिया गया है। जेल के अंदरूनी हिस्सों और बैरिकों की निगरानी जेल प्रहरियों, सुरक्षाकर्मियों और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से होती है।

वहीं इसमें खूंखार अपराधियों के लिए विशेष रूप से हाई-सिक्योरिटी बैरक शामिल है। इसके बाद ऊंची दीवारे बंद कैदियों को बाहर की आबोहवा का पता तक नहीं चलने देती। और जेल के बाहर पुलिस के साथ पीएसी के जवान तैनात रहते है।

एफआईआर की कहानी
केंद्रीय कारागार की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि दिनेश सोमवार सुबह से 45 नफर बंदियों के साथ बाहर कृर्षि कार्य कर रहा था। जहां से वह 12.30 बजे अभिरक्षा से फरार हो गया। उसके फरार होने की रिपोर्ट दर्ज करते हुए अग्रिम कार्रवाई करने का कष्ट करें।

2024 में भागा था हरपाल
दिनेश की तरह ही बाहर काम करते हुए 10 अक्टूबर 2024 की शाम चार बजे के लगभग उम्रकैद की सजा काट रहा हरपाल वहां से भाग निकला था। वह भी कृर्षि भूमि पर काम करते समय फरार हुआ था।बाद में पुलिस ने उसे इज्जतनगर इलाके से ही मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।

तो क्या कच्छा बनियान में भागा दिनेश
जेल में बंद कैदियों के कपड़ों से उनकी पहचान हो जाती है। सुबह से दोपहर तक दिनेश कृषि भूमि पर काम करता रहा। इसी बीच वह फरार हो गया। ऐसा माना जा रहा है कि उसने जरूर कपड़ों के साथ कुछ किया होगा वर्ना उसे जाते समय कोई न कोई सुरक्षाकर्मी जरूर देख लेता। माना जा रहा है वह कच्छा बनियान में ही वहां से भागा है।

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