लखनऊ अग्निकांड के बाद दिल्ली में एक्शन, नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली सैकड़ों इमारतें सील, DM-पुलिस की 'स्पेशल टीम' तैनात

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Published By Anjali Singh
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दिल्ली। लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग (जिसमें 15 छात्रों की मौत हुई) और इस महीने की शुरुआत में दक्षिण दिल्ली के हौज रानी में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब दिल्ली प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। दिल्ली के कोचिंग केंद्रों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि एवं भवन सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा बहु-एजेंसी अभियान (Multi-Agency Drive) शुरू किया गया है।

दिल्ली के महापौर (मेयर) प्रवेश वाही ने मंगलवार को इस महा-अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले संस्थानों के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

सैकड़ों संपत्तियां सील, अवैध 5वीं और 6ठी मंजिलों का ध्वस्तीकरण

महापौर प्रवेश वाही ने बताया कि पिछले कुछ ही दिनों के भीतर नगर निगम ने ऐसी कई खतरनाक इमारतों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की है, जहां लोगों के जीवन और संपत्ति को गंभीर जोखिम था। उन्होंने कहा, ''सैकड़ों संपत्तियों को सील किया गया है और अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण (Demolition) अभियान चलाया गया है। विशेष रूप से उन इमारतों को निशाना बनाया गया है, जहां बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के अवैध रूप से पांचवीं और छठी मंजिल का निर्माण कर लिया गया था।''

जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस की निगरानी में बनी 'स्पेशल टीम'

सुरक्षा जांच को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस की कड़ी निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया है। इस टीम में नगर निगम (MCD) और दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी शामिल हैं, जो शहर के अलग-अलग हिस्सों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं।

महापौर ने साफ किया कि यह कार्रवाई केवल मुखर्जी नगर या ओल्ड राजेंद्र नगर जैसे चुनिंदा छात्र इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि दक्षिण दिल्ली, उत्तर दिल्ली और अन्य सभी क्षेत्रों में भी लगातार और समान रूप से जारी है। उन्होंने आम निवासियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) से अपील की है कि वे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले ऐसे नियमों के उल्लंघनों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

दो बड़े हादसों ने बढ़ाई दिल्ली की चिंता

दिल्ली के घनी आबादी वाले छात्र केंद्रों में सुरक्षा को लेकर यह डर और तत्परता अचानक नहीं आई है, बल्कि इसके पीछे हाल ही में हुए दो बड़े और भयानक हादसे हैं, सोमवार को ही लखनऊ की एक तीन मंजिला इमारत में लगी आग के बाद दिल्ली में चिंताएं चरम पर पहुंच गईं, जहां एक एनिमेशन सेंटर में पढ़ रहे 15 लोगों (मुख्य रूप से छात्रों) की जान चली गई।

हौज रानी होटल अग्निकांड: इस महीने की शुरुआत में ही दक्षिण दिल्ली के हौज रानी क्षेत्र स्थित एक पांच मंजिला होटल में भीषण आग लगने से 23 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मृतकों में नाइजीरिया, किर्गिस्तान, बांग्लादेश, इराक, कांगो, मोजाम्बिक और लाइबेरिया के विदेशी नागरिक भी शामिल थे।

मुखर्जी नगर कांड के बाद से ही सुलग रहे थे सवाल

इन क्षेत्रों में हजारों छात्र ऐसे कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करते हैं, जो मिश्रित उपयोग (Mixed-Use) या व्यावसायिक भवनों में अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इससे पहले जून 2023 में भी दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान में भीषण आग लगी थी। हालांकि, उस वक्त बड़ी संख्या में छात्रों को खिड़कियों और रस्सियों के सहारे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन उस घटना ने भी दिल्ली के कमर्शियल हबों में आपातकालीन तैयारी और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन की पोल खोलकर रख दी थी। अब प्रशासन इन कमियों को पूरी तरह खत्म करने के लिए मुस्तैद दिखाई दे रहा है।

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