UP News : सपा विधायक कमाल अख्तर ने दिया इस्तीफा, सांसद से अनबन के बीच बड़ा कदम
विधानमंडल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफे ने फिर दी सांसद के साथ अनबन की चर्चाओं को हवा
कमाल अख्तर मुरादाबाद की कांठ विधानसभा से विधायक हैं। अखिलेश यादव के भरोसेमंद और करीबी नेताओं में शुमार हैं। सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे कमाल अख्तर को पार्टी ने विधानमंडल में मुख्य सचेतक का दायित्व सौंपा हुआ था। उनके इस्तीफे की खबर ने पार्टी के अंदर से लेकर बाहर तक हलचल बढ़ा दी है।
अमृत विचार : समाजवादी पार्टी से बड़ी खबर सामने आ आई है। कमाल अख्तर ने विधानमंडल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफ ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा के साथ अनबन की चर्चाओं के बीच कमाल अख्तर का इस्तीफा सामने आया है।
कमाल अख्तर मुरादाबाद की कांठ विधानसभा से विधायक हैं। अखिलेश यादव के भरोसेमंद और करीबी नेताओं में शुमार हैं। सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे कमाल अख्तर को पार्टी ने विधानमंडल में मुख्य सचेतक का दायित्व सौंपा हुआ था। उनके इस्तीफे की खबर ने पार्टी के अंदर से लेकर बाहर तक हलचल बढ़ा दी है।
मंगलवार की दोपहर कमाल अख्तर ने पार्टी कार्यालय पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया है।
सांसद रुचि वीरा से विवाद
विधायक कमाल अख्तर का इस्तीफा मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा के साथ विवाद के बीच आया है। हालांकि इस्तीफे को लेकर अभी तक पार्टी से कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन इसकी जड़ सांसद-विधायक के बीच टकराव ही माना जा रहा है।
अखिलेश ने बुलाई थी दोनों की बैठक
मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा और कांठ विधायक कमाल अख्तर के बीच अनबन का मामला सपा प्रमुख अखिलेश यादव तक भी पहुंच चुका है। पिछले दिनों अखिलेश यादव ने सांसद और विधायक, दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की थी। हालांकि तब से मामला शांत है, लेकिन अब अख्तर के विधानमंडल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफे ने उसे फिर से हवा दे दी है। कमाल अख्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा-"माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी का जो आदेश मिला है उसका हमेशा पालन किया है, तथा जो भी आदेश मिलेगा, उसका सदैव पालन करता रहूंगा।"
अपने नेता के आदेश पर दिया इस्तीफा
विधायक कमाल अख्तर ने मुख्य सचेतक पद से इस्तीफे को लेकर कहा कि मेरे नेता का आदेश था कि अब इस पद पर काम नहीं करना है। किसी नए चेहरे को जगह दी जाएगी। उनके आदेश का पालन करना मेरी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हर पार्टी-संगठन में बदलाव होते रहते हैं और ये कोई स्थायी पद तो है नहीं। सांसद रुचि वीरा के साथ अनबन को लेकर सवाल पर कहा कि ये उन्हीं से पूछिए। इस्तीफे के पीछे रुचि वीरा के साथ विवाद पर कहा कि इससे कोई लेनादेना नहीं है।
