वार्षिक सत्संग में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, स्वामी देवेंद्र मोहन बोले- स्वार्थ नहीं, समर्पण है सच्ची भक्ति
बाराबंकी, अमृत विचार। कोटवा सड़क स्थित दिव्यानंद स्पिरिचुअल फाउंडेशन में शनिवार को आयोजित वार्षिक भव्य सत्संग में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम देखने को मिला। दूर-दराज़ के गांवों और कस्बों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सत्संग में भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया। पूरे परिसर में भजन-कीर्तन और प्रवचनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
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परम संत दिव्यानंद जी महाराज के उत्तराधिकारी पूज्य स्वामी देवेंद्र मोहन भैया जी ने अपने प्रेरक प्रवचन में कहा कि आज का मनुष्य भगवान की भक्ति भी प्रायः अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए करता है। जब उसकी मनोकामनाएं पूरी नहीं होतीं तो वह मंदिर जाना छोड़ देता है और कई बार धर्म परिवर्तन जैसे गलत कदम भी उठा लेता है।
उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति किसी स्वार्थ की नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और पूर्ण समर्पण की भावना से की जाती है। जो व्यक्ति निस्वार्थ भाव से ईश्वर का स्मरण करता है, वही वास्तविक आध्यात्मिक सुख और शांति प्राप्त करता है।
युवाओं को संबोधित करते हुए स्वामी देवेंद्र मोहन भैया जी ने नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए विनाशकारी है। युवाओं को संस्कार, आध्यात्मिकता और सदाचार को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
सत्संग के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में धनंजय मिश्रा, जय सिंह, बृजेंद्र मोहन, मान सिंह, नरेंद्र कुमार यादव, सालिक राम यादव, अयोध्या प्रसाद, सुरेंद्र शुक्ला, शत्रोहन सिंह एवं नरेंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
