UP Weather : यूपी में अगले एक सप्ताह सक्रिय रहेगा मानसून, 25 से 27 जुलाई के बीच भारी बारिश के आसार
उत्तर प्रदेश में 22 से 27 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहेगा। 25 जुलाई से पूर्वी यूपी और 26-27 जुलाई को पश्चिमी व पूर्वी यूपी के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और किसानों को मौसम आधारित सलाह का पालन करने की अपील की है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून अगले एक सप्ताह तक सक्रिय रहने के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार 22 से 27 जुलाई के बीच पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। सप्ताह के आखिर में बारिश की गतिविधियां तेज होने के साथ कई जिलों में भारी वर्षा भी हो सकती है।
22 से 25 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम?
आईएमडी के लखनऊ मौसम केंद्र की ओर से जारी दैनिक मौसम बुलेटिन के अनुसार 22 से 25 जुलाई तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है।
26 और 27 जुलाई को बढ़ेगा बारिश का दायरा
मौसम विभाग के मुताबिक 26 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर वर्षा का दायरा बढ़ सकता है। वहीं 27 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं।
25 जुलाई से भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 22 से 24 जुलाई तक किसी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि 25 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 26 और 27 जुलाई को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
उमस से मिलेगी राहत, जलभराव की भी आशंका
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी गतिविधियों के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। इससे तापमान में हल्की गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश होगी, वहां जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम विभाग की लोगों और किसानों को सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय मौसम बुलेटिन और प्रशासन की ओर से जारी परामर्श का पालन करने की अपील की है। साथ ही आकाशीय बिजली और भारी बारिश की आशंका वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने तथा किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।
