Gonda News : करकरा तालाब में डूबने से कक्षा पांच के छात्र की मौत, परिवार में मचा कोहराम
मिट्टी खनन से गहरा हुआ तालाब बना हादसे की वजह, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
गोंडा, अमृत विचार। उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के पूरेडाल करकरा गांव में करकरा तालाब में डूबने से 12 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। गुरुवार सुबह तालाब में शव उतराता मिला तो गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक सुमित (12) पुत्र राम आशीष कक्षा पांच का छात्र था। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी मां रोशनी ने बताया कि बुधवार को वह गांव के पास धान की रोपाई करने गई थीं। पास में एक चिता जल रही थी। बच्चे के डर जाने की आशंका पर उन्होंने सुमित को घर भेज दिया। रास्ते में वह करकरा तालाब के पास पहुंचा, जहां किसी तरह तालाब में डूब गया।
देर रात तक तलाश के बाद सुबह तालाब में मिला शव
परिजनों ने देर शाम तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने तालाब में शव उतराता देखा और इसकी सूचना परिवार व पुलिस को दी। शव मिलने की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार सुमित के पिता राम आशीष दूसरी शादी कर चुके हैं। इसके बाद से सुमित और उसके भाई-बहनों का पालन-पोषण उनके चाचा सुनील और बाबा शाहबदीन कर रहे थे। परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। बच्चे की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
तालाब में मिट्टी खनन को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
हादसे के बाद ग्रामीणों ने करकरा तालाब में हुई मिट्टी की खुदाई पर भी सवाल उठाए हैं। ग्राम प्रशासक प्रतिनिधि राजेश पांडे ने बताया कि 84 कोसी मार्ग निर्माण के लिए तालाब से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली गई थी। उनका कहना है कि लेखपाल ने कई बार खुदाई रुकवाई और दो बार रोक भी लगाई गई, लेकिन इसके बावजूद खुदाई जारी रही, जिससे तालाब काफी गहरा हो गया।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
प्रभारी निरीक्षक चंदन कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
