Gonda News: खतरे के निशान से ऊपर बह रही घाघरा, कटान से खेत और पेड़ नदी में समाए
- कर्नलगंज व तरबगंज क्षेत्र में बढ़ा बाढ़ का खतरा, सहमें ग्रामीण
गोंडा, अमृत विचार। नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद घाघरा नदी एक बार फिर उफान पर है। गुरूवार को नदी का जलस्तर लाल निशान से 8 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है, जिससे जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में दहशत का माहौल है। नवाबगंज क्षेत्र के बाड़ी माझा से सामने आए वीडियो में घाघरा का विकराल रूप साफ दिखाई दे रहा है। तेज बहाव के कारण नदी खेतों की उपजाऊ जमीन के साथ-साथ बड़े-बड़े पेड़ों को भी देखते ही देखते अपने आगोश में समेट रही है।
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह घाघरा नदी में 2.66 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें 1.23 लाख क्यूसेक पानी गिरिजा बैराज से, 1.38 लाख क्यूसेक पानी शारदा बैराज से तथा 3515 क्यूसेक पानी शामिल है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नेपाल से पानी का प्रवाह इसी तरह जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इस कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। नदी की तेज धार खेतों को काटते हुए आगे बढ़ रही है। कई स्थानों पर विशाल पेड़ भी कटान के साथ नदी में समा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर घंटे नदी का रुख बदल रहा है, जिससे कृषि भूमि तेजी से खत्म होती जा रही है। लोगों को अपने घरों और मवेशियों की भी चिंता सताने लगी है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
घाघरा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों को बाढ़ बांधों पर ही कैंप कर हालात की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत सामग्री, नावों और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ संवेदनशील गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
हर साल दो तहसीलें होती हैं सबसे अधिक प्रभावित
गोण्डा जिले की कर्नलगंज और तरबगंज तहसीलें हर वर्ष घाघरा की बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ इन इलाकों के दर्जनों गांवों पर बाढ़ और कटान का खतरा मंडराने लगता है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और संबंधित अधिकारियों को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ पीड़ितों की बढ़ी चिंता
घाघरा के रौद्र रूप ने बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की सांसें थाम दी हैं। लोग लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।
