Bahraich News : नदी का रौद्र रूप, कटान से बचाने के लिए ग्रामीण खुद उजाड़ रहे आशियाने
झुंडी गांव में संकट गहराया, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप
बहराइच। नदी का कटान अब ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। विकासखंड शिवपुर के ग्राम पंचायत चौकसाहार अंतर्गत ग्राम सभा झुंडी में हालात इतने भयावह हो गए हैं कि लोग अपने ही हाथों से अपना आशियाना तोड़ने को मजबूर हैं। नदी धीरे-धीरे घरों को अपनी चपेट में ले रही है और कई मकान कटान के मुहाने पर खड़े हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक बीते वर्ष भी कई घर नदी में समाहित हो गए थे, लेकिन इस बार खतरा और बढ़ गया है। मौजूदा समय में राम मूरत, राम सूरत, अवध बिहारी और राम सहारे पुत्रगण स्वर्गीय गया प्रसाद के मकान नदी के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। इनमें राम सहारे और अवध बिहारी अपने मकानों को खुद तोड़ रहे हैं, ताकि बची हुई सामग्री को सुरक्षित किया जा सके। वहीं राम मूरत के मकान की छत नदी में ढह चुकी है और पूरा घर कभी भी नदी में समा सकता है।
सूचना के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे जिम्मेदार, ग्रामीणों में नाराजगी
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पीड़ित राम मूरत ने बताया कि बीती रात करीब 12 बजे उनके मकान का बड़ा हिस्सा नदी में समा गया। इसकी सूचना उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल को दी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि अभी तक कोई अधिकारी मौके पर हालात देखने नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि गांव में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। बिजली की समस्या बनी हुई है और बाढ़ जैसे हालात में ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
टूटी नाव के सहारे ग्रामीणों की जिंदगी
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गांव निवासी संजय कुमार यादव ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से समय रहते कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव में आवागमन के लिए सिर्फ एक नाव है, वह भी टूटी हुई है। उसमें चार से ज्यादा लोग सवार नहीं हो सकते, जिससे आपात स्थिति में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। ग्रामीण परशुराम ने बताया कि उनका मकान भी नदी के बिल्कुल किनारे पहुंच चुका है। कभी भी वह नदी में समा सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
लेखपाल बोले- नुकसान का किया जा रहा आंकलन
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वहीं क्षेत्रीय लेखपाल राज कुमार वर्मा ने बताया कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बुधवार को वह मौके पर गए थे। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनके घर तक नहीं पहुंचा। फिलहाल नदी के कटान से झुंडी सहित आसपास के कई गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द बचाव कार्य शुरू कराने और प्रभावित परिवारों को मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।
