Barabanki News : TET से छूट की मांग तेज, शिक्षकों ने सांसद तनुज पुनिया को सौंपा ज्ञापन
आरटीई एक्ट से पहले नियुक्त शिक्षकों को राहत देने की मांग, सांसद बोले- संसद में उठाएंगे मुद्दा
बाराबंकी। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने आवाज बुलंद कर दी है। गुरुवार को संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में शिक्षकों ने सांसद तनुज पुनिया के ओबरी स्थित आवास पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किए जाने की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी चिंता
शिक्षकों ने ज्ञापन में बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 1385/2025 (अंजुमन इशाअत-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र एवं अन्य) में दिए गए फैसले के बाद 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है।
आरटीई से पहले नियुक्त शिक्षकों को मिले छूट
शिक्षकों का कहना है कि 23 अगस्त 2010 की एनसीटीई अधिसूचना के अनुसार आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू नहीं थी। इसलिए ऐसे शिक्षकों को इस शर्त से छूट दी जानी चाहिए, ताकि उनकी सेवा और भविष्य सुरक्षित रह सके।
सांसद ने दिया भरोसा
सांसद तनुज पुनिया ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वह आगामी मानसून सत्र में लोकसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और सरकार से शिक्षकों के हित में आवश्यक कानून बनाने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि "शिक्षक देश और समाज के भविष्य के निर्माता हैं। उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।"
ये शिक्षक रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के कोषाध्यक्ष संतोष कुमार शुक्ला, महामंत्री देवेन्द्र सिंह, पवन कुमार वर्मा, ओम प्रकाश वर्मा, दिनेश कुमार, विकास वर्मा, विजेन्द्र सिंह, रणजीत सिंह यादव, अरविन्द वर्मा, धर्मेन्द्र मिश्रा, इन्द्रजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
