श्रावण में हाईटेक सुरक्षा कवच में रहेगा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, ड्रोन से लेकर AI तक रखेगा हर गतिविधि पर नजर

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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वाराणसी। श्रावण मास में बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए वाराणसी में इस बार अभूतपूर्व हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पारंपरिक सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, फेस रिकग्निशन कैमरे और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से मंदिर परिसर और पूरे शहर की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और उसके प्रतिबंधित क्षेत्र की जियो-फेंसिंग कर दी गई है। यदि कोई अनधिकृत ड्रोन सुरक्षा घेरे में प्रवेश करने का प्रयास करेगा, तो एंटी-ड्रोन सिस्टम उसे तत्काल निष्क्रिय कर देगा। श्रावण मास के दौरान बिना अनुमति निजी ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

उन्होंने बताया कि वाराणसी कमिश्नरेट के 10 ड्रोन कांवड़ मार्ग, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर, प्रमुख घाटों, यातायात और भीड़ प्रबंधन की निगरानी करेंगे। इसके अलावा दो टेथर्ड ड्रोन रणनीतिक स्थानों पर तैनात रहेंगे, जो लगभग 400 मीटर की ऊंचाई से चार किलोमीटर के दायरे में लगातार लाइव निगरानी करेंगे। ये ड्रोन लंबे समय तक किसी स्थान पर मौजूद संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की पहचान कर तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए शहर की सीमाओं पर लगे ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे प्रत्येक वाहन की पहचान करेंगे। वहीं प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर स्थापित फेस रिकग्निशन कैमरे अपराधियों, वांछित व्यक्तियों और संदिग्ध लोगों की पहचान में मदद करेंगे। इन प्रणालियों में संदिग्ध वाहनों और अपराधियों का डेटा पहले से फीड किया गया है।

पुलिस आयुक्त के अनुसार, शहर के 45 प्रमुख चौराहों और तिराहों पर सीसीटीवी निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है। काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े 2,575 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की चौबीसों घंटे लाइव मॉनिटरिंग होगी। वहीं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित 315 सीसीटीवी कैमरे दर्शन कतारों, श्रद्धालुओं की आवाजाही और मंदिर परिसर की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखेंगे।

उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर कंट्रोल रूम से तत्काल निर्देश जारी कर भीड़ का प्रभावी प्रबंधन किया जाएगा। इसके अलावा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को यातायात, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं लगातार प्रसारित की जाएंगी।

श्रावण मास में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने इस बार तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी है, जिससे जल, थल और नभ—तीनों स्तरों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।

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