Assam Floods : विधायकों ने डोनेट की 1 महीने की सैलरी, राहत कार्यो में जुटी सरकार; रायजोर दल ने नहीं लिया फैसला
असम बाढ़ संकट के बीच विधायकों की पहल, राहत कार्यों के लिए दान करेंगे एक महीने का वेतन; पीएम मोदी ने भी ली स्थिति की जानकारी
असम में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए रायजोर दल को छोड़कर सभी विधायकों ने एक महीने का वेतन दान करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पीएम मोदी को बाढ़ राहत कार्यों में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। राज्य में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
गुवाहाटी। असम में बाढ़ से प्रभावित लाखों लोगों की मदद के लिए राज्य के ज्यादातर विधायकों ने बड़ा कदम उठाया है। रायजोर दल को छोड़कर विधानसभा के सभी विधायकों ने बाढ़ राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करने का फैसला किया है। असम विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने बताया कि वह और विधानसभा उपाध्यक्ष हब्बे टेरोन भी अपना एक महीने का वेतन राहत कार्यों के लिए देंगे। इसके अलावा विधानसभा सचिवालय के सभी कर्मचारी भी पीड़ितों की सहायता के लिए अपना एक दिन का वेतन दान करेंगे।
भाजपा-कांग्रेस समेत कई दलों ने दिया समर्थन
संसदीय कार्य मंत्री पी. हजारिका ने बताया कि भाजपा के सभी विधायक भी अपना एक महीने का वेतन बाढ़ राहत के लिए दान करेंगे। वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी इस पहल का समर्थन किया है। विपक्ष के नेता वाजेद अली चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पहले से ही राहत कार्यों में सहयोग कर रही है और पार्टी के विधायक भी अपना एक महीने का वेतन बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए देंगे। तृणमूल कांग्रेस के एकमात्र विधायक शर्मन अली अहमद ने भी अपना एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की है।
AIUDF, AGP और BPF भी आए आगे
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के विधायक मजीबुर रहमान ने कहा कि पार्टी की ओर से पहले ही राहत कार्यों में योगदान दिया जा चुका है। अब पार्टी के विधायक भी अपना एक महीने का वेतन दान करेंगे। इसके अलावा असम गण परिषद (AGP) और बीपीएफ के विधायकों ने भी बाढ़ राहत के लिए वेतन देने की घोषणा की है।
रायजोर दल ने नहीं किया ऐलान
हालांकि, रायजोर दल की ओर से अभी तक वेतन दान करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। पार्टी विधायक महबूब मुक्तार विधानसभा में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर कोई घोषणा नहीं की।
बाढ़ की स्थिति पर पीएम मोदी से मिले हिमंत
इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत ध्यान देने के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित गांवों तक पहुंचकर राहत और बचाव कार्य चला रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने असम के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक कर बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए आगे व्यापक योजना तैयार की जाएगी और राहत कार्य लगातार जारी रहेंगे।
राहत अभियान में उतरा रिलायंस फाउंडेशन, 10 हजार परिवारों तक पहुंचेगी मदद
असम में बाढ़ से प्रभावित लाखों लोगों की मदद के लिए राहत अभियान तेज हो गया है। जहां एक ओर राज्य के अधिकतर विधायकों ने बाढ़ राहत और पुनर्वास के लिए एक महीने का वेतन दान करने का फैसला किया है, वहीं अब रिलायंस फाउंडेशन ने भी बड़े स्तर पर राहत अभियान शुरू किया है। रिलायंस फाउंडेशन ने बाढ़ प्रभावित 10 हजार परिवारों तक भोजन, सुरक्षित पेयजल, राशन, स्वास्थ्य सेवाएं और अस्थायी आश्रय से जुड़ी सहायता पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। फाउंडेशन की टीम शिवसागर और चराइदेव जिलों में राहत कार्य चला रही है, जहां बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
राहत सामग्री से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं तक मदद
रिलायंस फाउंडेशन की आपदा प्रबंधन टीम ने जिला प्रशासन और स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद राहत कार्य शुरू किए हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई के जरिए भोजन की व्यवस्था, सूखे राशन के पैकेट वितरण, तिरपाल, मच्छरदानी, बिस्तर और जरूरी सामान वाली राहत किट स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सफाई और मरम्मत का काम भी शुरू किया गया है।
मवेशियों की मदद के लिए अलग टीमें तैनात
बाढ़ में पशुओं को हुए नुकसान को देखते हुए वनतारा की 39 सदस्यीय टीम भी राहत अभियान में शामिल हुई है। यह टीम प्रभावित इलाकों में मवेशियों के इलाज और देखभाल का काम करेगी। रिलायंस फाउंडेशन ने करीब 4 हजार प्रभावित मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करने की योजना बनाई है।
सरकार और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर चल रहा अभियान
रिलायंस फाउंडेशन के साथ वनतारा, रिलायंस रिटेल और जियो भी राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। फाउंडेशन की टीमें जिला प्रशासन, सरकारी विभागों और स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने में जुटी हैं। असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सरकारी प्रयासों के साथ अब सामाजिक और निजी संस्थाएं भी आगे आ रही हैं, जिससे राहत अभियान को और मजबूती मिल रही है।
