Lucknow News: खुले में शौच के लिए गई 5 साल की बच्ची को सांप ने डसा, इलाज के दौरान मौत
लखनऊ के मलिहाबाद में खुले में शौच के लिए गई 5 साल की बच्ची को सांप ने काट लिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। गांव में शौचालय की कमी को लेकर सवाल उठे हैं।
मलिहाबाद। लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। रहीमाबाद इलाके के अहमदाबाद कठौली गांव में खुले में शौच के लिए गई 5 साल की बच्ची की सर्पदंश से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गांव में शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण बच्ची जंगल की ओर गई थी, जहां झाड़ियों में छिपे सांप ने उसे डस लिया।
झाड़ियों में छिपे सांप ने हाथ पर मारा डंक
जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी रिंकू की 5 वर्षीय बेटी जागृति शनिवार को गांव के किनारे स्थित जंगल में शौच करने गई थी। इसी दौरान झाड़ियों में मौजूद सांप ने उसके दाहिने हाथ पर काट लिया। सांप के डसने के बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। वह किसी तरह लड़खड़ाते हुए घर पहुंची। बेटी के हाथ से खून निकलता देख परिजन घबरा गए और उसे तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान तोड़ा दम
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान जागृति की मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिजन शव को घर ले आए और पुलिस को सूचना दिए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया।
पुलिस को नहीं मिली घटना की जानकारी
रहीमाबाद थाना प्रभारी अरुण कुमार त्रिगुणायक ने बताया कि थाने में बच्ची की मौत को लेकर कोई सूचना दर्ज नहीं कराई गई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं। क्षेत्र में पहले भी सर्पदंश की घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है।
खुले में शौच बना खतरा
ग्रामीण इलाकों में शौचालय की कमी के कारण लोगों को जंगल और खेतों की ओर जाना पड़ता है, जहां जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित स्वच्छता व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है।
भारत में होती है सबसे अधिक मौत
बता दें कि भारत में हर साल हजारों लोग अपनी जान साप के काटने से गवा देते है, और तो और बारिश के मौसम में ये घटनाये काफी बढ़ जाया करती है ।क्योकि बारिश के मौसम में अक्सर कई जीव जंतु अपने बिलो से बाहर निकलते है। जिससे इंसानों और जानवरों का आमना सामना होता है। वैसे तो साप एक ऐसा जीव है जो केवल अपने बचाव में ही हमला करता है। पर गाँव और घने जंगलों के पास बस्तियों के होने पर ये घटनाये देखने को मिलती है। कई बार कुछ लोग इसका सही समय पर इलाज न करवा पाने के चलते भी अपनी जान गवा देते है। वे डॉक्टर के पास जाने के बजाय झाड़-फुक जैसे कामों में पड़कर सही समय पर भी इलाज नहीं करा पातें है। वही WHO के डाटा में पूरी दुनिया में साप के काटने से 54 लाख लोग इसका शिकार होते है, और लगभग 1 लाख लोग मर जाते है। लेकिन किसी अन्य देश की तुलना में भारत में कही अधिक लोग साप के काटने से मर जाते है।
