लखनऊ: रोडवेज कर्मियों ने किया प्रदेश भर के बस अड्डों पर प्रदर्शन
लखनऊ, अमृत विचार। रोडवेज के राष्ट्रीयकृत मार्गो पर निजी बसें चलाने के सरकार के फरमान से रोडवेज कर्मचारी खफा हैं। वे लगातार सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। क्योंकि सरकार के इस फैसले से निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। नाराज कर्मचारियों ने बुधवार को परिवहन निगम मुख्यालय समेत प्रदेश भर के बस अड्डों …
लखनऊ, अमृत विचार। रोडवेज के राष्ट्रीयकृत मार्गो पर निजी बसें चलाने के सरकार के फरमान से रोडवेज कर्मचारी खफा हैं। वे लगातार सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। क्योंकि सरकार के इस फैसले से निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
नाराज कर्मचारियों ने बुधवार को परिवहन निगम मुख्यालय समेत प्रदेश भर के बस अड्डों पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मोर्चा ने सात सूत्रीय मांगों पर विचार करने के लिए एक सप्ताह की महोलत दी।
परिवहन निगम कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक गिरीश मिश्र ने बताया कि ने प्रदेश भर के 55 हजार रोडवेज कर्मियों की आवाज निजीकरण के खिलाफ है। सरकार को इस फैसले को वापस लेना होगा। संयुक्त मोर्चा के प्रवक्ता व सेंटर रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ के महामंत्री जसवंत सिंह, संविदा संघर्ष यूनियन के महामंत्री कन्हैया लाल पांडेय, संयुक्त परिषद के शाखा अध्यक्ष रजनीश मिश्रा समेत मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद थे।
इन मांगों को लेकर हुआ प्रदर्शन
राष्ट्रीयकृत मार्गो पर निजी बसों के परमिट पर रोक लगे। 206 मार्गो को राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित किया जाए। वर्ष 2001 तक के संविदा कर्मियों की नियमित भर्ती हो। नियमित कर्मियों के बकाए महंगाई भत्ते का भुगतान हो। मृतक आश्रितों की भर्ती व बकाए का भुगतान किया जाए। संविदा चालक परिचालकों को हर साल नियमित किया जाए। आउटसोर्स और निलिट संस्था के कर्मियों को वरीयता दिया जाए।
