अल्मोड़ा: जागेश्वर महोत्सव में दिखा आस्था और संस्कृति का संगम
अल्मोड़ा, अमृत विचार। विश्व प्रसिद्व जागेश्वर धाम को पर्यटन हब के रूप में विकसित किये जाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन व जागेश्वर मन्दिर प्रबन्धन समिति द्वारा एक दिवसीय जागेश्वर महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव की शुरूआत आरतोला में प्रातः योग कार्यक्रम के साथ हुई जिसमें कई लोगो ने योगासन किया। आरतोला से …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। विश्व प्रसिद्व जागेश्वर धाम को पर्यटन हब के रूप में विकसित किये जाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन व जागेश्वर मन्दिर प्रबन्धन समिति द्वारा एक दिवसीय जागेश्वर महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव की शुरूआत आरतोला में प्रातः योग कार्यक्रम के साथ हुई जिसमें कई लोगो ने योगासन किया। आरतोला से भगरतोला तक मिनी मैराथन का भी आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। वहीं आरतोला-जागेश्वर-चैमुआ तक साईकिल दौड़ का भी आयोजन कराया गया जिसमें युवाओं ने प्रतिभाग किया।
इस दौरान चित्रकला, निबन्ध एवं एैंपण प्रतियोगिताओं भी करायी गयी जिसमें कई स्कूलों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। सभी प्रतियोगिताओं विजेता प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न दिए गए। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाये गये जिसमें लोगो को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गयी। इस दौरान जागेश्वर में स्थापित फोटो गैलरी का सभी अतिथियों द्वारा अवलोकन किया गया और इसकी सराहना की गयी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विहान सांस्कृति समिति व नवयुवक सांस्कृतिक समिति द्वारा मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।
जागेश्वर महोत्सव के मुख्य अतिथि अध्यक्ष रामकृष्ण कुटीर स्वामी धु्रवेशानन्द ने जिला प्रशासन व मन्दिर समिति की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जागेश्वर की पवित्र भूमि पर इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन से यहां की पहचान बढ़ेगी साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में भी विकास होगा। इस दौरान उन्होंने आयोजक मण्डल को धन्यवाद दिया।
विशिष्ट अतिथि उपाध्यक्ष चाय विकास बोर्ड (दर्जा राज्यमंत्री) गोविन्द पिलख्वाल ने कहा कि महोत्सवों के आयोजन से जहां इस क्षेत्र को पर्यटन की दिशा में बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन व मन्दिर समिति द्वारा जागेश्वर महोत्सव के सफल आयोजन हेतु बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ कृषकों को अधिक से अधिक प्राप्त हो इस ओर उनका विशेष ध्यान रहेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक गोविन्द सिंह कुंजवाल ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से जागेश्वर को विश्व मानचित्र पर पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर महोत्सव का आयोजन विगत कई वर्षों से हो रहा है। कोरोना काल के चलते इस वर्ष भी जिला प्रशासन व मन्दिर समिति द्वारा कराया जाना अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन बड़े स्तर पर कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील कि हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर इस क्षेत्र को पहचान दिलाने व विकास के लिए आगे आना होगा।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि कोरोना काल के चलते मन्दिर समिति ने केवल एक दिवसीय महोत्सव कराने का निर्णय लिया। कहा कि जनपद का मुख्य आय अर्जन का स्रोत पर्यटन है व इस क्षेत्र में पर्यटन की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए जागेश्वर महोत्सव को मई माह में वृहद रूप में कराया जाना प्रस्तावित है। कार्यक्रम में अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी रवि रौतेला, सहकारी बैंक अध्यक्ष ललित लटवाल, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष कुन्दन लटवाल, भाजपा प्रदेश मंत्री पुष्कर काला, सुभाष पाण्डे आदि ने विचार रखे।
इन कार्यक्रमों में मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे, सदस्य जिला पंचायत नन्दन सिंह नेगी, भाजयुमो प्रदेश प्रभारी गौरव पाण्डे, उपजिलाधिकारी मोनिका, उपजिलाधिकारी सल्ट शिप्रा पाण्डे, डिप्टी कलेक्टर गौरव पाण्डे, तहसीलदार कुलदीप पाण्डे, प्रबन्धक जागेश्वर मन्दिर समिति भगवान भटट, उपाध्यक्ष गोविन्द गोपाल, पुजारी प्रतिनिधि भगवान भट्ट, मण्डल अध्यक्ष धौलादेवी गोपाल बिष्ट, जागेश्वर प्रकाश भटट, नरेन्द्र बिष्ट, चन्द्रशेखर जोशी, महिपाल बिष्ट, योगेश भटट, नन्दन सिंह नेगी, पूरन बिष्ट, मुख्य शिक्षाधिकारी एचबी चन्द, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सीएस चौहान, अपर सहायक अभियन्ता नरेन्द्र कुमार, जयमित्र बिष्ट, राजेन्द्र तिवारी, हरिमोहन भट्ट के अलावा कई जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी व क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही। कार्यक्रम का संचालन विभु कृष्णा ने किया।
