बरेली: प्रेम-प्रसंग में युवक को जहर देकर मार डाला
अमृत विचार, बरेली। एक गांव, एक जाति और हम उम्र होने के बावजूद रामेंद्र और उसकी प्रेमिका की शादी नहीं हो सकी। रामेंद्र के घरवाले शादी के लिए राजी थे लेकिन युवती के घरवालों को पड़ोस में बेटी की शादी करना मंजूर नहीं था। गांव वालों का दबाव पड़ा तो रामेंद्र के पिता चंद्रपाल ने …
अमृत विचार, बरेली। एक गांव, एक जाति और हम उम्र होने के बावजूद रामेंद्र और उसकी प्रेमिका की शादी नहीं हो सकी। रामेंद्र के घरवाले शादी के लिए राजी थे लेकिन युवती के घरवालों को पड़ोस में बेटी की शादी करना मंजूर नहीं था। गांव वालों का दबाव पड़ा तो रामेंद्र के पिता चंद्रपाल ने अपने बेटे की शादी लॉकडाउन में ही कर दी और युवती के घरवालों को उनकी बेटी की शादी कहीं और कराने को कहा।
सभी को उम्मीद थी कि शादी के बाद दोनों के बीच चल रहा प्रेम-प्रसंग खत्म हो जाएगा लेकिन ऐसा हो नहीं सका। रामेंद्र की शादी होने के बाद भी युवती अपना घर परिवार छोड़कर उसके पास हिमाचल में रहने चली गई। इसकी जानकारी होने पर रामेंद्र, उनके पिता, चाचा और भाई पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
इसके बाद शुरू हुआ समझौते का दबाव। रामेंद्र के परिजनों को युवती के घरवालों ने बताया गया कि यदि उनकी बेटी को सौंप दोगे तो रिपोर्ट वापस हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इसके बाद ही क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि के आवास पर समझौते के लिए युवती और रामेंद्र को बुलाया गया।
जनप्रतिनिधि के मौजूद न होने पर रामेंद्र से युवती के घरवाले अकेले में बात करने की बात कहकर साथ ले गए। इसके बाद रामेंद्र बेसुध हालत में परिवार को मिला और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक के परिवार ने लड़की पक्ष पर जहर देकर बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया है।
बिशारतगंज के ढका गांव निवासी चन्द्रपाल ने बताया कि उनका बेटा रामेन्द्र (23) हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करता था। 28 नवंबर को वह घर से हिमाचल चला गया। गांव की एक युवती चुपचाप 2 दिसंबर को उनके बेटे के पास पहुंच गई। युवती जब रामेंद्र के पास पहुंची तो उसने उसे बताया कि वह शादीशुदा है और यह बात उसने लड़की के परिवार को बता दी।
इसके बाद भी युवती वापस नहीं आई। पीड़ित परिवार ने बताया कि 3 दिसंबर को युवती के परिवार वालों ने बेटे समेत पिता चंद्रपाल, चाचा हरिबाबू, भाई सुरेश पर अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया और उनके बेटे को बुलाकर समझौते की बात करने का झांसा देते रहे। मंगलवार को उनका बेटा वापस आया।
इसके बाद लड़की पक्ष ने उनके बेटे को कांधरपुर में एक जनप्रतिनिधि के आवास पर बुलाया। इसकी जानकारी मिलने पर वे लोग भी कांधरपुर पहुंच गए जहां लड़की पक्ष के लोग रामेन्द्र को अलग से बात करने के लिये ले गए। जब काफी समय तक उनका बेटा वापस नहीं आया तो उन्होंने तलाश शुरू की।
रामेंद्र कांधरपुर में ही गांव की सड़क पर बेहोशी की हालत में मिला। उसे अस्पताल ले गये। जहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रामेन्द्र की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। उसका बिसरा सुरक्षित रखा गया है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि मृतक रामेंद्र के शरीर में जहर जैसे लक्षण दिख रहे हैं।
लाकडाउन में हुई थी रामेन्द्र की शादी
मार्च में लाकडाउन के दौरान ही रामेन्द्र की शादी धनदेई नाम की युवती से हुई थी। इसी कारण वह युवती को उसके घर जाने के लिए बोल रहा था। वहीं, युवती उससे प्यार करती थी और उसके साथ रहना चाहती थी, इसलिए वह उसके साथ रहने की जिद कर रही थी।
युवती से पूछताछ कर रही पुलिस
मंगलवार को दोनों लोग बरेली आए थे। इसके बाद बिशारतगंज थाना पुलिस युवती से पूछताछ कर रही है। युवती के कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे। युवती का मेडिकल कराया जा रहा है।
कैंट पुलिस ने नहीं ली तहरीर
मृतक के पिता चन्द्रपाल ने बताया कि कैंट पुलिस से उन्होंने घटना की शिकायत की थी लेकिन उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया। कैंट पुलिस ने कहा कि बिशारतगंज का मामला है और वे लोग वहीं शिकायत करके रिपोर्ट दर्ज कराएं। हैरानी की बात यह है कि थाना क्षेत्र न होने के बहाने करके पुलिस पीड़ित की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कर रही है। माना जा रहा है कि इसमें एक जनप्रतिनिधि पुलिस पर दबाव बना रहा है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। वहीं, युवक और युवती की कॉल डिटेल भी निकाल रही है। इसके बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकता है।
– रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
