शुभम जगलान का कमाल! 21 साल की उम्र में जीता पहला प्रोफेशनल खिताब, 15 लाख रुपये भी मिले
टॉलीगंज क्लब में छह-अंडर 64 का शानदार अंतिम राउंड खेलकर शुभम जगलान ने कोल इंडिया ओपन का खिताब दो शॉट से जीता; डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई रैंकिंग में भी लंबी छलांग
कोलकाता: हरियाणा के पानीपत के 21 वर्षीय गोल्फर शुभम जगलान ने अपने पेशेवर करियर की पहली बड़ी जीत दर्ज कर ली है। उन्होंने टॉलीगंज क्लब में आयोजित एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वाले दूसरे कोल इंडिया ओपन के खिताब पर कब्जा जमाया। बारिश के कारण 54 होल तक सीमित किए गए टूर्नामेंट के अंतिम राउंड में जगलान ने शानदार छह-अंडर 64 का स्कोर बनाया और दो शॉट के अंतर से खिताब अपने नाम किया।
जगलान ने 67, 65 और 64 के राउंड के साथ कुल 14-अंडर 196 का स्कोर बनाया। इस जीत के लिए उन्हें 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली।
डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई रैंकिंग में बड़ी छलांग
इस खिताबी जीत का सीधा फायदा शुभम जगलान को डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई रैंकिंग में भी मिला। वह 26वें स्थान से छलांग लगाकर 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। मौजूदा सत्र में उनकी कुल कमाई अब 26,99,875 रुपये हो गई है।
जीत के बाद जगलान ने इसे अपने करियर का बेहद खास पल बताया। उन्होंने कहा कि पहली जीत हमेशा विशेष होती है और अंतिम कुछ होल में वह काफी नर्वस थे, लेकिन जिस तरह उन्होंने राउंड समाप्त किया, उससे वह खुश हैं।
पहले ही होल पर लगा झटका, फिर शानदार वापसी
शुभम ने अंतिम राउंड की शुरुआत दूसरे होल से की। वह संयुक्त पांचवें स्थान पर थे और रात तक शीर्ष पर रहे जमाल हुसैन से चार शॉट पीछे थे।
शुरुआत में ही बोगी होने से उनकी चुनौती को झटका लगा, लेकिन जगलान ने दबाव में अपना संयम नहीं खोया। उन्होंने छठे होल पर बर्डी लगाई और इसके बाद पार-5 सातवें होल पर शानदार ईगल के साथ मुकाबले का रुख बदल दिया।
उनके अंतिम राउंड में एक ईगल, छह बर्डी और दो बोगी शामिल रहीं। छह-अंडर 64 के इस प्रदर्शन ने उन्हें चार शॉट की कमी पूरी करने और शीर्ष स्थान हासिल करने में मदद की।
18वें होल पर दिखाया चैंपियन वाला आत्मविश्वास
अंतिम होल पर मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया था। लीडरबोर्ड देखने के बाद जगलान को पता चला कि उनकी बढ़त घटकर सिर्फ एक शॉट रह गई है।
ऐसे दबाव में रक्षात्मक खेलने के बजाय उन्होंने दो शानदार शॉट लगाए और बर्डी के साथ टूर्नामेंट अपने नाम कर लिया। जगलान ने बताया कि डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई में प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा है, इसलिए आखिरी शॉट तक एकाग्र रहना जरूरी होता है।
पिता ने करीब एक दशक तक निभाई कैडी की भूमिका
शुभम की इस ऐतिहासिक जीत में उनके पिता जगपाल जगलान का भी अहम योगदान रहा। वह जूनियर, एमेच्योर और प्रोफेशनल गोल्फ में करीब एक दशक से शुभम के कैडी रहे हैं और इस टूर्नामेंट में भी उनका बैग संभाल रहे थे।
शुभम ने पिता के बारे में कहा कि दोनों एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं और उन्हें नहीं लगता कि उनके पिता से ज्यादा कोई उन पर विश्वास करता है। उनके मुताबिक, ऐसा व्यक्ति साथ होना बेहद महत्वपूर्ण है जिसे उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा हो।
अमेरिका में कॉलेज गोल्फ से मिला आत्मविश्वास
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा से स्नातक शुभम जगलान ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद पेशेवर गोल्फ में कदम रखा। जनवरी में उन्होंने फाइनल क्वालीफाइंग चरण जीतकर डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई कार्ड हासिल किया था।
उनके पास एशियन टूर का कार्ड भी है और वह इस सत्र में दोनों सर्किट पर खेल रहे हैं। जून 2025 में उन्होंने यूएसए मिडवेस्ट क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के जरिए पीजीए टूर अमेरिका का कार्ड हासिल किया था। इस टूर पर नौ टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बायोस्टील चैंपियनशिप में संयुक्त तीसरा स्थान रहा।
जगलान के मुताबिक, अमेरिका में कॉलेज गोल्फ खेलने के अनुभव ने अंतिम होल में आक्रामक रवैया अपनाने में उनकी काफी मदद की।
पहले दो बार रहे थे उपविजेता
कोल इंडिया ओपन से पहले शुभम जगलान दो बार उपविजेता रह चुके थे। पिछले सप्ताह श्रीनगर में खेले गए जेएंडके ओपन में भी उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया था।
जगलान ने अपनी पहली जीत का श्रेय बढ़े हुए आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी दिया। उन्होंने बताया कि वह और उनकी टीम मानसिक रूप से अधिक सकारात्मक रहने पर काम कर रहे थे और पिछले सप्ताह मिले आत्मविश्वास को वह इस टूर्नामेंट में लेकर आए।
जमाल हुसैन दूसरे स्थान पर
टॉलीगंज क्लब में पूर्व विजेता जमाल हुसैन ने अंतिम राउंड की शुरुआत दो शॉट की बढ़त के साथ की थी। उन्होंने 65, 63 और 70 के राउंड के साथ कुल 12-अंडर 198 का स्कोर बनाया और उपविजेता रहे।
दिल्ली के शौर्य भट्टाचार्य और चंडीगढ़ के अक्षय शर्मा ने 10-अंडर 200 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया।
वहीं डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट में शीर्ष पर चल रहे सप्तक तलवार 67, 65 और 70 के राउंड के साथ कुल आठ-अंडर 202 स्कोर कर संयुक्त 11वें स्थान पर रहे। उनकी सत्र की कुल कमाई बढ़कर 84,33,234 रुपये हो गई है।
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