Sambhal News: सपा विधायक इकबाल से जुड़े निर्माण पर चला प्रशासन का डंडा, तीन मंजिला कोठी अवैध घोषित; 15 दिन में गिराने का आदेश
संभल में सपा विधायक इकबाल महमूद के नाम से मुतवल्ली के तौर पर दर्ज स्थल पर बनी तीन मंजिला कोठी को प्रशासन ने अवैध घोषित किया है। डीएम कोर्ट ने भी निर्माण के खिलाफ दाखिल अपील खारिज कर दी है। प्रशासन ने 15 दिन में स्वयं निर्माण गिराने का आदेश दिया है, अन्यथा ध्वस्तीकरण कर खर्च भू-राजस्व के बकाये की तरह वसूला जाएगा।
संभल, अमृत विचार: सपा विधायक इकबाल महमूद का नाम जिस निर्माण स्थल के मुतवल्ली के तौर पर दर्ज है, वहां बनी तीन मंजिला कोठी को प्रशासन ने अवैध घोषित कर दिया है। मामले में जिलाधिकारी की अदालत में दाखिल अपील भी खारिज हो गई है। अब प्रशासन ने 15 दिन के भीतर स्वयं निर्माण ध्वस्त करने का आदेश दिया है। निर्धारित अवधि में निर्माण नहीं गिराने पर प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी और उसका खर्च भू-राजस्व के बकाये की तरह वसूला जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने मौके पर नोटिस चस्पा कर दिया है।
एसडीएम संभल विकास चंद्र के आदेश के मुताबिक मौलाना आरिफ और किरायेदार अय्यूब अहमद के साथ मुतवल्ली नवाब इकबाल महमूद के नाम दर्ज स्थल पर करीब 53 गुणा 60 फुट क्षेत्रफल में तीन मंजिला कोठी का निर्माण कराया गया। प्रशासन के अनुसार निर्माण के लिए स्वीकृत मानचित्र नहीं लिया गया था। अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र संभल की 20 जून 2022 की रिपोर्ट के आधार पर 22 जून 2022 को संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद मामले में वाद दर्ज कर सुनवाई की गई।

सुनवाई पूरी होने के बाद 5 फरवरी 2026 को निर्माण को अवैध घोषित करते हुए उत्तर प्रदेश निर्माण विनियमन अधिनियम, 1958 की धारा 10 के तहत निर्माण गिराने का आदेश जारी किया गया था। इस आदेश के खिलाफ इस साल 17 मार्च को जिलाधिकारी संभल के न्यायालय में अपील दाखिल की गई। जिलाधिकारी की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद 11 अगस्त को अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही पूर्व में जारी अवैध निर्माण को गिराने का आदेश बरकरार रखा गया।
15 दिन में खुद नहीं गिराया तो प्रशासन करेगा ध्वस्तीकरण
डीएम कोर्ट से अपील खारिज होने के बाद प्रशासन ने संबंधित पक्ष को आदेश प्राप्त होने की तारीख से 15 दिन के भीतर अवैध निर्माण स्वयं गिराने का निर्देश दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में निर्माण ध्वस्त नहीं किया गया तो नियत प्राधिकारी की ओर से इसे ध्वस्त कराया जा सकता है। ध्वस्तीकरण में आने वाला खर्च भू-राजस्व के बकाये की तरह संबंधित पक्ष से वसूल किया जाएगा। बुधवार शाम को पुलिस ने तीन मंजिला मकान पर सरकारी नोटिस चस्पा कर दिया है।
