Amethi Bank Fraud: नौकरी फर्जी, दस्तावेज फर्जी और लोन करोड़ों का! SBI में 6.40 करोड़ का खेल, 12 के खिलाफ FIR, जानें पूरा मामला
एसबीआई की आंतरिक जांच में खुलासा, राजीव गांधी पॉलीटेक्निक के नाम पर 64 एक्सप्रेस क्रेडिट लोन कराने का आरोप 2022 से 2024 के बीच हुआ खेल
रामपुर के मिलक में बजरंग दल के प्रखंड संयोजक सूरज पटेल का शव गांव के पास जंगल में पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर शव को कोतवाली परिसर में रखकर प्रदर्शन किया। पत्नी की तहरीर पर आदेश शंखधार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
मुसाफिरखाना, अमेठी अमृत विचार। भारतीय स्टेट बैंक की अमेठी शाखा की आंतरिक जांच में राजीव गांधी पॉलीटेक्निक, मुसाफिरखाना और ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से करीब 6.40 करोड़ रुपये का ऋण लेने का मामला सामने आया है। बैंक के मुख्य प्रबंधक राहुल सिंह ने मंगलवार को मुसाफिरखाना कोतवाली में तहरीर देकर कई लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
तहरीर के मुताबिक, बैंक की जांच में सामने आया कि 15 मार्च 2022 से 15 जून 2024 के बीच राजीव गांधी पॉलीटेक्निक और ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के कर्मचारी बताकर अलग-अलग जिलों में स्थित एसबीआई की शाखाओं से कुल 64 एक्सप्रेस क्रेडिट लोन स्वीकृत कराए गए। इनमें 11 ऋण अमेठी जिले की शाखाओं से लिए जाने की बात कही गई है। बैंक के उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार कुल वित्तीय धोखाधड़ी करीब 6.40 करोड़ रुपये की है। हालांकि बैंक ने राशि को अभिलेखों के मिलान, सत्यापन, ब्याज, शुल्क और अन्य समायोजनों के अधीन बताया है।
बैंक की तहरीर में आरोप लगाया गया है कि फर्जी कर्मचारियों के एसबीआई खातों में पहले पॉलीटेक्निक के एचडीएफसी और बैंक ऑफ बड़ौदा के चालू खातों से डमी क्रेडिट भेजा गया। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची और फॉर्म-16 तैयार कर इन्हें वास्तविक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर एक्सप्रेस क्रेडिट ऋण स्वीकृत कराए गए।
तहरीर में पॉलीटेक्निक के मैनेजर अमित द्विवेदी, प्रधानाचार्य देवेंद्र प्रसाद शुक्ला, निदेशक सरोज कुमार, सहायक राहुल नायक समेत कई लोगों के नाम दर्ज हैं। बैंक ने आरोप लगाया है कि सभी आरोपियों ने आपसी सहयोग और सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऋण प्राप्त किए। शुरुआत में कुछ किस्तें जमा करने के बाद कई ऋण खाते एनपीए हो गए।
बैंक के अनुसार अमित द्विवेदी, पुष्पा देवी, राहुल नायक और अंकित शुक्ला समेत अन्य लोगों के नाम से ऋण स्वीकृत हुए। इसके अलावा अमित कुमार पांडेय, अंकिता, अनुराज और शैलेंद्र कुमार समेत अन्य लोगों पर भी पॉलीटेक्निक का कर्मचारी बताकर ऋण लेने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस कर रही जांच, गिरफ्तारी के प्रयास
बैंक की ओर से तहरीर के साथ कर्मचारियों की सूची एवं ऋण खाता विवरण, कथित फर्जी नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची व फॉर्म-16 की प्रतियां तथा ऋण खातों के बैंक स्टेटमेंट और फंड ट्रेल भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं। कोतवाल विवेक सिंह ने बताया कि बताया कि बैंक की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ऋण खातों, प्रस्तुत दस्तावेजों और धनराशि के लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
