UP News : तराई में शारदा का कहर, अपनी आंखों के सामने बर्बादी का मंजर देख रहे बेबस किसान 

Amrit Vichar Network
Edited By Ateeq Khan
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लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में सैकड़ों बीघा गन्ने के खेत नदी में समाए 

शारदा और घाघरा का कहर जारी है। पीलीभीत से लेकर लखीमपुर खीरी तक तटवर्ती इलाकों में हाहाकार मचा है। दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में घिरे हैं। गन्ने की फसल से भरे खेत नदी में समाते जा रहे हैं। भयानक मंजर है। किसानों अपनी आंखों के सामने खुद की बर्बादी का मंजर देख रहे हैं, लेकिन बेबस हैं। कुछ करने की स्थिति में नहीं...।

अमृत विचार : यूपी के तराई में नदियां उफान पर हैं। पीलीभीत और लखीमपुर में शारदा ने भारी तबाही मचाई है। दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गन्ने के सैकड़ों बीघा खेत नदी में समा चुके हैं। तटवर्ती इलाकों में राहत-बचाव की तैयारियां तो हैं, लेकिन कटान से निपटने का कोई जुगाड़ नहीं। किसानों की आंखों के सामने उनके खेत नदी में समा रहे हैं। देखिए पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में बाढ़ की तबाही का मंजर...।  

लखीमपुर खीरी में बाढ़ का पानी बेशक घटने लगा है, लेकिन किसानों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। जलस्तर घटते ही नदियों ने कटान तेज कर दिया है। धौरहरा क्षेत्र के करीब 27 गांव जलभराव से जूझ रहे हैं, जबकि 11 गांवों में घाघरा नदी लगातार खेतिहर जमीन निगल रही है। 


पलिया, गोला और निघासन तहसील के निचले इलाकों में भी जलभराव बना है। हालांकि पलिया में शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। बनबसा बैराज से पानी का डिस्चार्ज घटकर करीब 73 हजार क्यूसेक रह गया है। 

कटान से सहमे किसान 

धौरहरा के कैरातीपुरवा, बेलागढ़ी, ओझापुरवा, चपकहा, मिलिक, सियापुर और सधुवापुर समेत कई गांवों में ग्रामीण अब बाढ़ के बाद कटान की मार झेल रहे हैं। ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, दुर्गापुर पड़री, चपकहा, चंदौली, मिलिक, डुड़की, रामलोक, जंगल सुजानपुर, गुलेरिया तालुके अमेठी और परसा में हालात गंभीर बताए जा रहे हैं।

शारदा में समाती जमीन 

गोला तहसील के रामनगर कलां में शारदा नदी ने सैकड़ों एकड़ गन्ने के खेत कटान में चले गए। एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि धौरहरा तहसील के ईसानगर क्षेत्र के लो-लैंड एरिया के कई गांवों में घाघरा का पानी भरा है। पलिया, गोला और निघासन के निचले इलाकों में भी जलभराव है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और जल्द प्रभावित लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

Pilibhit Sharada News
पूरनपुर में शारदा नदी इस तरह कर रही खेतों का कटान।


पूरनपुर में शारदा का कहर 

पीलीभीत के पूरनपुर के ट्रांस शारदा क्षेत्र में बाढ़ और कटान का कहर जारी है। शारदा के तटवर्ती गांव शास्त्रीनगर, हजारा और चंदिया हजारा के 30 किसानों की लगभग 80 एकड़ कृषि भूमि गन्ने की फसल समेत नदी में समा चुकी है। जमीन बचाने के लिए किसानों ने आठ लाख रुपये चंदा जुटाकर, कटान रोकने के लिए जियो ट्यूब लगाया था। लेकिन वो भी जमीन में धंस गसा। नदी लगातार खेतिहर भूमि निलग रही है। किसान बेबस हैं। 


बाढ़ से जूझते गांव 

ट्रांस शारदा क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित गांवों में  बैल्हा, नहरोसा, राणा प्रताप नगर, वमनपुर भागीरथ, श्रीनगर, सिद्धनगर, चंदिया हजारा, शास्त्रीनगर, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, अशोकनगर, भरतपुर व खिरकिया बरगदिया शामिल हैं-यहां बाढ़ का ज्यादा असर है। इनके अलावा कबीरगंज, आजाद नगर, रामनगर, चन्दनगर, मौरनियां गांधीनगर को मध्यम प्रभावित और गौतम नगर, विजयनगर, कुठिया गुंदिया, शान्तीनगर, विनौरा ताल्लुक गजरौला को सामान्य प्रभावित गांव की श्रेणी में रखा गया है। 

बाढ़ से राहत-बचाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां कर रखी हैं। यहां 17 बाढ़ शरणालय स्थल और पांच बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं।

हालात पर नजर बनाए प्रशासन 

पूरनपुर के एसडीएम मयंक गोस्वामी ने बताया कि, तहसील क्षेत्र के कई गांव शारदा नदी की बाढ़ से प्रभावित होते हैं। राहत-बचाव के लिए पांच बाढ़ चौकियां और 17 बाढ़ शरणालय स्थल स्थापित किए हैं। अधिकारियों को इनकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

 

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