Bareilly News : नकदिया नदी को नवजीवन देने की मुहिम का वन मंत्री ने किया शुभारंभ, किनारों पर लगेंगे 5 लाख पौधे
धोपेश्वरनाथ मंदिर के पीछे नदी की साफ-सफाई का चला अभियान, कई सामाजिक संगठनों ने बढ़ाए कदम
नकटिया नदी की बदहाली पर अब तक सिर्फ बातें होती थीं। लेकिन इस बार काम शुरू हुआ तो शहर के तमाम लोग इसके पक्ष में खड़े हो गए। इसमें सामाजिक संस्थाएं, प्रशासनिक अधिकारी, राजनीतिक शख्सियतें और आमजन शामिल हैं। स्कूल-कॉलेजों का भी भरपूर सहयोग नजर आ रहा है। सामूहिक सहयोग से नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा।
अमृत विचार : बरेली की नकटिया नदी को नई जिंदगी देने की मुहिम शुरू हो गई है। साफ-सफाई के साथ नदी को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। किनारों पर करीब 5 लाख पौधे लगाए जाएंगे। रविवार को वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने धोपेश्वर नाथ मंदिर के पीछे 'नकटिया नदी पुनर्जीवन' मुहिम का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, शहर के समाजसेवी, पर्यावरण कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं शामिल रहे। सबने मिलकर नकटिया को अविरल और स्वच्छ बनाने का संकल्प दोहाराया है।
धोपेश्वरनाथ मंदिर के पीछे नकटिया नदी बहती है। यह शहर में समा चुका है। लेकिन इस हालत ये है कि जगह-जगह नदी पर अतिक्रमण हो चुका है। नाले-नालियों का गंदा पानी नदी में समा रहा है। कूड़ा-कचड़ा, प्लास्टिक ने नदी का अस्तित्व मिटाकर इसे एक नाले के रूप में ढाल दिया।
देर से ही सही, लेकिन इस बार नकटिया के नव-जवीन को लेकर जोरदार मुहिम शुरू हुई है। उम्मीद है कि यह मुहिम रंग लाएगी और नकटिया अपने पुराने स्वरूप में बहती नजर आएगी।
कूड़ा-कचरा होगा बाहर
नकटिया नदी पुनर्जीवन मुहिम के अंतर्गत पहले तो नदी के अंदर का कूड़ा-कचरा निकाला जाएगा। इसमें जमा सैकड़ों कुंतल प्लास्टिक बाहर निकाली जाएगी। इसके बाद इसमें खोदाई होगी। तलहटी को समतल किया जाएगा, ताकि नदी अपने वास्तविक स्वरूप में बह सके। चरणबद्ध तरीके से इस पर काम चलेगा।
वर्मी कंपोस्ट यूनिट शुरू
नकटिया नदी से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए यहां एक वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित की गई है। इसमें कचरे से जैविक खाद बनाई जाएगी। कचरा प्रबंधन होने से भविष्य में भी नदी स्वच्छ रहेगी।
5 लाख पौधे लगाए जाएंगे
नदी के किनारों पर करीब 5 लाख पौधे लगाए जाएंगे। दोनों किनारों पर हरियाली होगी। साफ-सफाई को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि एक बार सफाई होने के बाद दोबारा नदी के अस्वित्व पर कोई संकट नहीं आने पाए।
नदी बचाने आगे आया समाज
नकटिया नदी की बदहाली पर अब तक सिर्फ बातें होती थीं। लेकिन इस बार काम शुरू हुआ तो शहर के तमाम लोग इसके पक्ष में खड़े हो गए। इसमें सामाजिक संस्थाएं, प्रशासनिक अधिकारी, राजनीतिक शख्सियतें और आमजन शामिल हैं। स्कूल-कॉलेजों का भी भरपूर सहयोग नजर आ रहा है। सामूहिक सहयोग से नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा।
