Sawan Somwar 2026: सावन के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुआ बाराबंकी, लाखों कंठों से गूंजा ‘हर-हर महादेव’
लोधेश्वर महादेव से बुढ़वा बाबा तक उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक; अवसानेश्वर मंदिर में करीब एक लाख भक्तों के पहुंचने का अनुमान
बाराबंकी, अमृत विचारः सावन के अंतिम सोमवार को पूरा जनपद शिवमय हो गया। हर-हर बम-बम के जयघोष के बीच लाखों कावड़िए श्री लोधेश्वर महादेव समेत प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंचे। कावड़ियों के मार्गों पर जगह-जगह भंडारे और सेवा शिविर लगाए गए। असेनी मोड़ और कोतवाली के पास शिविरों में रातभर चाय-नाश्ते के साथ प्राथमिक उपचार की सुविधा दी गई। सिरौली गौसपुर के कुंतेश्वर महादेव, सिद्धौर के सिद्धेश्वर महादेव, हैदरगढ़ के औसानेश्वर, रामसनेहीघाट के बुढ़वा बाबा शिव मंदिर, शहर के नागेश्वर, कैलाश आश्रम, सतोखर तालाब स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, धनोखर और लखपेड़ा बाग स्थित शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सभी मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना का दौर चला। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से मनोकामना पूर्ण होने की कामना की।
लाखों श्रद्धालुओं से पट गया लोधेश्वरधाम
सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को प्रसिद्ध तीर्थस्थल लोधेश्वर महादेवा में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अर्धरात्रि के बाद गर्भगृह के कपाट खुलते ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा। लाखों श्रद्धालुओं ने स्वयंभू लोधेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मनवांछित फल की कामना की। मंदिर परिसर दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा। रविवार शाम से ही कानपुर, उरई, झांसी, जालौन, गोंडा, सीतापुर समेत दूरदराज के जिलों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। महिला और पुरुष श्रद्धालु बैरिकेडिंग के बीच कतारबद्ध होकर दर्शन के लिए घंटों इंतजार करते रहे। बारिश के बावजूद आस्था और उत्साह कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में कांवड़िए भी पहुंचे। रामसनेहीघाट से जल भरकर डाक कांवड़ लेकर आए प्रकाश मिश्रा, अवनीश मिश्रा, अभिषेक कुमार और आशीष पंडित ने बाबा का जलाभिषेक किया। मेले में प्रसाद, पूजन सामग्री, खिलौने, चाट-पकौड़ी और अन्य दुकानों पर भी भीड़ रही। बच्चों ने झूले और मनोरंजन साधनों का आनंद लिया। बारिश से कई जगह कीचड़ की स्थिति बनी रही, फिर भी श्रद्धालुओं का उत्साह कायम रहा।
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भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने रात में ही मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अभरण सरोवर, मंदिर गर्भगृह, दर्शन मार्ग, बैरिकेडिंग और ड्यूटी स्थलों का जायजा लेकर पुलिस व कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए। एसडीएम आकांक्षा गुप्ता, सीओ गरिमा पंत, तहसीलदार विपुल कुमार सिंह और चौकी प्रभारी रजनीश पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार व्यवस्था संभालते रहे। अंतिम सोमवार होने के कारण देर शाम तक महादेवा में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। इस दौरान मंदिर और पूरा मेला क्षेत्र भगवान शिव के जयकारों से गुंजायमान रहा। वहीं, श्री लोधेश्वर महादेव मंदिर में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बनाए जा रहे भव्य कॉरिडोर का निर्माण देखकर कांवड़िए उत्साहित नजर आए। श्रद्धालुओं का कहना था कि कॉरिडोर बनने से श्रीलोधेश्वर धाम की पहचान और बढ़ेगी।
लोधेश्वर महादेव को चढ़ाई सवा कुंतल ठंडाई
सावन के चौथे सोमवार को लोधेश्वर महादेवा में कजियापुर निवासी समाजसेवी सुनील सिंह सेवक के साथ पूर्व ब्लॉक प्रमुख ज्ञानू सिंह, बबलू सिंह, जितेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह, संजय सिंह (सफेदाबाद), अशोक सिंह, राजेश गर्ग और कुसुम गर्ग समेत परिजनों ने पूजा-अर्चना के बाद भगवान लोधेश्वर को सवा कुंतल भांग की ठंडाई अर्पित की। बाद में ठंडाई का प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। परिजनों के अनुसार यह परंपरा स्वर्गीय ठाकुर भगौती सिंह के समय से चली आ रही है और करीब 50 वर्ष पुरानी है। परिवार हर सावन में बाबा को ठंडाई चढ़ाने के साथ श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करता है। मान्यता है कि भगवान शिव को भांग प्रिय है। इसी धार्मिक आस्था के चलते सावन में लोधेश्वर महादेव के जलाभिषेक के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भांग भी अर्पित करते हैं।
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एक लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
सावन मास के अंतिम सोमवार को आदि गंगा मां गोमती के अवसानेश्वर घाट स्थित प्राचीन अवसानेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। भारी भीड़ के चलते मंदिर के पट रात डेढ़ बजे ही खोल दिए गए। इसके बाद रात से सोमवार देर शाम तक जलाभिषेक का दौर चलता रहा। बैरिकेडिंग के बीच लंबी कतारों में श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे। पूरा परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा। देर शाम तक करीब एक लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने का अनुमान लगाया गया। सुरक्षा के लिए हैदरगढ़ कोतवाली के साथ कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। आपात स्थिति से निपटने के लिए राजस्व और मेडिकल टीमें भी रविवार रात से मेला क्षेत्र में मौजूद रहीं।

मंदिर समिति के अध्यक्ष संजय गिरी समेत अन्य पदाधिकारी व्यवस्था संभालते रहे। अंतिम सोमवार को कस्बे के प्राचीन रामेश्वरम शिवाला, किल्ला स्थित किलेश्वर शिव मंदिर, हरपालपुर के नीलकंठेश्वर महादेव, टिलिया जौरास के जंगलेश्वर महादेव, शिवनाम के योगिनी तालाब स्थित सोनेश्वर महादेव, तिलोकपुर के त्रिलोकेश्वर, कुमेदानेश्वर व रामेश्वर मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। इसके अलावा भिलवल, परीवां, गनहरी, पूरेदेवीदास, सरांय पांडेय, पोखरा के सगरा शिवाला, त्रिवेदीगंज और ठाकुरपुर समेत ग्रामीण क्षेत्रों के सभी प्रमुख शिवालयों में भक्तों ने व्रत रखकर बेलपत्र, पुष्प, अक्षत, भांग, धतूरा, शमीपत्र, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर जलाभिषेक व रुद्राभिषेक किया।
बुढ़वा बाबा मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
प्राचीन बुढ़वा बाबा मंदिर में भी आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और हर-हर बम-बम के जयघोष से गूंजता रहा। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं और बड़ी संख्या में भक्तों ने भोलेनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना की। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर दर्शन कराए गए।
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