मुजफ्फरनगर से गाजियाबाद तक ED की रेड : पूर्व BSP विधायक शाहनवाज से जुड़े ठिकाने भी खंगाले; 3.6 करोड़ बरामद
जीएसटी फर्जीवाड़े से जुड़े धनशोधन मामले में ईडी ने यूपी और हरियाणा में कई ठिकानों पर छापेमारी की। मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद की कार्रवाई में 3.6 करोड़ रुपये नकद और दस्तावेज जब्त किए गए। जांच 9.63 करोड़ रुपये के कथित फर्जी ITC से जुड़ी है।
लखनऊ, अमृत विचार। कथित जीएसटी फर्जीवाड़े से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कई ठिकानों पर छापेमारी कर 3.6 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है। ईडी अधिकारियों के मुताबिक छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है।
मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में नौ परिसरों पर छापा
अधिकारियों के अनुसार ईडी के लखनऊ कार्यालय ने 24 अगस्त को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में नौ परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व विधायक शाहनवाज राणा से जुड़े परिसर भी शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा हरियाणा के फरीदाबाद में भी कुछ परिसरों की तलाशी ली गई। अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई मंगलवार को पूरी हुई।
छापेमारी में 3.6 करोड़ रुपये और दस्तावेज मिले
ईडी के मुताबिक तलाशी के दौरान विभिन्न परिसरों से 3.6 करोड़ रुपये की नकदी के साथ कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच कथित तौर पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल करने और उसे आगे हस्तांतरित करने से जुड़ी है। अधिकारियों ने बताया कि यह जांच जंबूद्वीप एक्सपोर्ट एंड इम्पोर्ट नामक कंपनी से जुड़े मामले में की जा रही है।
बिना माल भेजे बनाए फर्जी चालान और ई-वे बिल
जांच एजेंसी का आरोप है कि संबंधित कंपनी ने वास्तविक माल का परिवहन किए बिना ही फर्जी चालान और ई-वे बिल के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट तैयार किया और उसे आगे ट्रांसफर किया। ईडी के अनुसार इस कथित फर्जीवाड़े में कई फर्जी या अस्तित्वहीन संस्थाओं का इस्तेमाल किया गया। इन संस्थाओं के माध्यम से रकम को विभिन्न स्तरों पर स्थानांतरित करने और बाद में नकद निकासी करने का भी आरोप है।
9.63 करोड़ के फर्जी ITC का खुलासा
जीएसटी अधिकारियों की जांच में कथित तौर पर 9.63 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाए जाने का पता चला था। इससे सरकारी खजाने को राजस्व नुकसान होने की बात सामने आई है। ईडी अब जब्त दस्तावेजों और अन्य डिजिटल एवं वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के जरिए इस कथित धनशोधन नेटवर्क से जुड़े लोगों और लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। संबंधित कंपनी या उसके अधिकारियों की ओर से ईडी की कार्रवाई पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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