Avadh University: तीन साल में 22 छात्रों की परीक्षा नहीं करा पाया अवध विश्वविद्यालय, 8 ने छोड़ा संस्थान
एमए सिंधी भाषा के विद्यार्थियों का मामला, परीक्षा में देरी से छात्रों का साल खराब; नेट-जेआरएफ जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं पर भी असर
अयोध्या, अमृत विचार : सत्र नियमन और समय पर पारदर्शी परीक्षा का दावा करने वाला डाॅ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय एमए सिंधी भाषा की परीक्षा को लेकर सवालों से घिर गया है। तीन सत्र बीत जाने के बाद भी अवध विश्वविद्यालय प्रशासन इस विषय के महज 22 विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं करा पाया है। इस लेटलतीफी के कारण एमए सिंधी भाषा के आठ विधार्थी अब तक विवि से पलायन भी कर चुके हैं। इसे लेकर सिंधी समाज में गहरा आक्रोश है।
अवध विश्वविद्यालय में स्थापित सिंधी अध्ययन केंद्र को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। न्यूनतम बजट में संचालित अध्ययन केंद्र में जहां एक दो गतिविधियां करा कर कोरम पूरा किया जा रहा है। वहीं एमए सिंधी का अध्ययन कर रहे छात्र अब तक बिना परीक्षा के पढ़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के एमए सिंधी भाषा के महज 22 विद्यार्थियों की परीक्षा ही नहीं कराई गई है। जबकि अन्य विषयों की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दीक्षांत समारोह भी निपटा दिया गया। इतना ही नहीं परीक्षाएं न होने से छात्रों का साल भी खराब हो गया है। यह छात्र नेट, जेआरएफ आदि की प्रतियोगी परीक्षा तक नहीं दे पा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जिन आठ सिंधी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय से पलायन किया उनको अन्य विश्वविद्यालय में पुनः एमए में प्रवेश लेकर परीक्षा देनीं पड़ी। सूत्र बताते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने आज तक परीक्षा प्रश्न पत्र बनाने तक की प्रक्रिया नहीं शुरु की है। ऐसे में वर्तमान सत्र की परीक्षा भी संभव नहीं दिखती है। परीक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार सिंधी भाषा के प्रश्न पत्र बनाने वाले विशेषज्ञ ही नहीं मिल रहे हैं। इसीलिए तीन वर्षों से परीक्षा लटक रही है। इसे लेकर प्रधानमंत्री युवा लेखन सम्मान से सम्मानित लक्ष्य टेकचंदानी ने राष्ट्रपति और कुलाधिपति राज्यपाल को एक पत्र भी भेजा है। पत्र के माध्यम से सिंधी एमए विद्यार्थियों की परीक्षा यथाशीघ्र कराए जाने की मांग की है।
राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य प्रतिनिधि रहे विश्व प्रकाश रूपन ने बताया कि अनेक बार विभाग व विश्वविद्यालय के जिम्मेदारों से बात करने पर भी परीक्षाएं नहीं कराए जाने को लेकर स्पष्ट रूप से कारण नहीं बताया जा रहा है।
एमए सिंधी भाषा की परीक्षा न होना दुर्भाग्यपूर्ण : सिंधी पंचायत
इस प्रकरण को लेकर सिंधी सेंट्रल पंचायत के नगर मुखिया पवन जीवानी और रामनगरी मुखिया ओंम प्रकाश अंदानी का कहना है कि अवध विश्वविद्यालय द्वारा अब तक एमए सिंधी भाषा की परीक्षा न कराना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह एक तरह से सिंधी भाषा का अपमान है। यदि विश्वविद्यालय शीघ्र परीक्षा नहीं कराता तो सिंधी सेंट्रल पंचायत अगला कदम उठाने के लिए बाध्य होगी। इस संबंध में कुलपति और परीक्षा नियंत्रक से भी वार्ता की जाएगी। राज्यपाल को एक पत्र भेजा जाएगा।
एमए सिंधी भाषा की परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है, लेकिन शीघ्र कराने का प्रयास किया जा रहा है। कतिपय कारणों से विलम्ब हुआ। दो चार दिन में परीक्षा तिथि घोषित की जा सकती है। -अनूप कुमार,निदेशक, सिंधी अध्ययन केंद्र, अवध विवि
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