Bareilly News : जश्ने-ईद मिलादुन्नबी, 105 अंजुमनों के साथ निकला जुलूस-ए-मुहम्मदी, जगमगा उठा शहर
पैगंबर-ए-इस्लाम की यौमे पैदाइश के उपलक्ष्य पर अंजुमन इत्तेहादुल मुस्लिमनी के नेतृत्व में जुलूस-ए-मुहम्मदी
मंगलवार को जश्ने-ईद मिलादुन्नबी के उपलक्ष्य पर पुराने शहर में शानदार सजावट की गई है। सैलानी का पूरा इलाका चमक उठा। दिन भर रूहानी नजारा रहा। शाम होते ही पूरा इलाका जगमगा उठा।
अमृत विचार : पैगंबर-ए-इस्लाम की यौमे पैदाइश (जश्ने-ईद मिलादुन्नबी) की पूर्व संध्या पर पूरा शहर रोशनी से जगमगा उठा। रूहानी मंजर के बीच अंजुमन इत्तेहादुल मुस्लिमीन की अगुवाई में छह मीनार मस्जिद के पास से जुलूस-ए-मुहम्मदी निकला। करीब 105 अंजुमनों के साथ जुलूस का काफिला अपनी पुरानी राहों से होकर गुजरा। सरकार की आमद मरहबा...सरकार की आमद मरहबा...की सदाएं बुलंद होती रहीं। रास्ते भर जुलूस का जोरदार स्वागत होता रहा। अकीदतमंद फूलों की बौछार के साथ मुहब्बत का नजराना पेश करते रहे।
मंगलवार को जश्ने-ईद मिलादुन्नबी के उपलक्ष्य पर पुराने शहर में शानदार सजावट की गई है। सैलानी का पूरा इलाका चमक उठा। दिन भर रूहानी नजारा रहा। शाम होते ही पूरा इलाका जगमगा उठा।
जुलूस-ए-मुहम्मदी निकला, जो मीरा की पेठ, बुखार पुरा, जवाहर इंटर कॉलेज पुलिया, रोहली टोला, जगतपुर हाफिज मियां के मजार से मुड़कर कांकर टोला पुलिस चौकी के सामने से होकर शाहदाना, असम की कंपनी तिराहे से आजाद इंटर कॉलेज होता हुआ सैलानी मुन्ना खां का नीम पर संपन्न होगा।
जुलूस-ए-मुहम्मदी को लेकर दिन से ही कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह को कैंप कार्यालय पर कुरानख्वानी हुई। कमेटी के पदाधिकारी जो इस दुनिया से रुखसत हो चुके हैं-उन्हें खिराजे अकीदत पेश की गई।
दरगाह तहसीनीया के सज्जादानशीन मौलाना हस्सान रजा खान ने हाफिज मोबीन अरैी कमर चिश्ती को परचम सौंपकर जुलूस रवाना किया। इसी के साथ पत्ती-पत्ती, फूल-फूल या रसूल या रसूल, जश्ने ईद मिलादुन्नबी जिंदाबाद के नारे बुलंद हो गए।
ये अंजुमनें रहीं शामिल
जुलूस में अंजुमन दावत-ए-इस्लामी, अंजुमन रजाए मुस्तफा, अंजुमन लश्करे रजा, अंजुमन गुलज़ारे रशीदी, अंजुमन ख्वाजा गरीब नवाज, अंजुमन सगे आला हजरत,अंजुमन फिदा ए रसूल, अंजुमन रिजवाने मिल्लत, अंजुमन फलाऐ मोमिनीन, अंजुमन फैजाने आला हजरत समेत करीब 1 05 अंजुमने शामिल हुईं।
अकीदतमंद अपने वाहनों को खूबसूरती के साथ सजाकर निकले। इस्लामिक संदेश के बैनर-पोस्टर, राष्ट्रीय ध्वज के साथ कारवां चला। शादाब शमीम के नेतृत्व में इकरार, जावेद अली, तस्लीम बेग, शबाब खान, अफसर खान, राजा, शानू, शोएब रजा, शब्बू शमीम 200 वॉलिंटियर सेवा में लगे रहे।
इनकी हुई दस्तारबंदी
नवाब मुजाहिद हसन खान, प्रोफेसर जाहिद खान, इकरार अहमद, काजी अलीमुद्दीन, मोहम्मद मियां, डॉक्टर अनीस बेग, हाजी जावेद खान, नासिर कुरैशी आदि की दास्तारबंदी की गई। जुलूस की व्यवस्था में इमशाद हुसैन, अंजुम शमीम, मोहम्मद उस्मान, यामीन अहमद, अनवर हसन, सैयद जफर, करामतुल्लाह आदि शामिल रहे। जुलूस कमेटी के महासचिव अंजुम शमी ने पुलिस-प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
