‘जो हिम्मत करती है, वही नेतृत्व करती है’, NSG ने शुरू किया पहला महिला कमांडो कोर्स
मानेसर स्थित NSG ट्रेनिंग अकादमी में शुरू हुए पहले महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स में राज्य पुलिस और CAPF की महिला कर्मियों को आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नई दिल्ली: भारत के आतंकवाद-रोधी सुरक्षा ढांचे में महिला कर्मियों की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने की दिशा में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ने नई पहल शुरू की है। मानेसर स्थित एनएसजी ट्रेनिंग अकादमी ने राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की महिला कर्मियों के लिए पहला ‘महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स’ (MCCC) शुरू किया है।
एनएसजी ने इस पहल को ‘नारी शक्ति’ के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर बताया है। 12 सप्ताह के इस सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिला कर्मियों को आतंकवाद-रोधी अभियानों में चुनौतीपूर्ण और विशेष ऑपरेशनल जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है।
12 हफ्ते की ट्रेनिंग में क्या सिखाया जाएगा?
एनएसजी के मुताबिक, कोर्स को महिला कर्मियों को शारीरिक रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से दक्ष और ऑपरेशनल परिस्थितियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
प्रशिक्षण में शारीरिक कंडीशनिंग, हथियार संचालन और निशानेबाजी, टैक्टिकल इंटरवेंशन, बंधक बचाव तथा आतंकवाद-रोधी अभियानों से जुड़े अन्य विशेष पहलू शामिल हैं।
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अलग-अलग सुरक्षा बलों के बीच बढ़ेगा तालमेल
एनएसजी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य सिर्फ महिला कर्मियों के व्यक्तिगत कौशल को विकसित करना नहीं है। इसके जरिए एनएसजी की आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञता को राज्य पुलिस और विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की महिला कर्मियों तक पहुंचाने की भी कोशिश की जा रही है।
इससे प्रशिक्षित ऑपरेशनल कर्मियों का व्यापक समूह तैयार करने, समान पेशेवर मानकों को बढ़ावा देने और विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी आपसी तालमेल मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अपनी-अपनी फोर्स में वापस ले जाएंगी प्रशिक्षण
कोर्स पूरा करने के बाद महिला कर्मी अपनी बेहतर ऑपरेशनल स्किल और प्रशिक्षण से मिली जानकारी को अपने संबंधित सुरक्षा बलों में लेकर जाएंगी। एनएसजी के मुताबिक, इससे संबंधित बलों की संस्थागत तैयारी मजबूत होगी और देश में आतंकवाद-रोधी क्षमताओं का दायरा बढ़ेगा।
एनएसजी ने कहा कि पहला एमसीसीसी सुरक्षा अभियानों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ-साथ ऑपरेशनल क्षमता के जरिए महिला सशक्तीकरण को भी दर्शाता है।
NSG ने कहा- ‘जो हिम्मत करती है, वही नेतृत्व करती है’
एनएसजी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस पहल की जानकारी साझा करते हुए इसे भारत के सुरक्षा ढांचे में महिलाओं के लिए अहम पड़ाव बताया। पोस्ट में कहा गया कि “जो हिम्मत करती है, वही नेतृत्व करती है।”
एनएसजी के मुताबिक, बदलती आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के बीच महिला कर्मियों को जटिल और विशेष ऑपरेशनल जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
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