200 शुल्क पर NTA की सफाई, कहा- रिजल्ट में देरी रोकने पर जोर, सही आपत्ति पर लौटेगा पैसा
NTA ने Answer Key पर ₹200 आपत्ति शुल्क को लेकर सफाई दी है। एजेंसी का कहना है कि शुल्क का उद्देश्य अनावश्यक आपत्तियों को रोकना और रिजल्ट जारी करने में देरी से बचना है।
दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने कहा है कि उत्तर कुंजी को चुनौती देने की प्रक्रिया सभी छात्रों के लिए निष्पक्ष है और इसके महंगा होने संबंधी चिंताओं को उसने खारिज कर दिया। एनटीए की उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया एक ऑनलाइन व्यवस्था है, जिसके तहत परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी (जैसे जेईई मेन, नीट या यूजीसी नेट) अनंतिम उत्तर कुंजी में किसी तरह की गलती होने पर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
हाल में एनटीए को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्नपत्र लीक से लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) परीक्षाओं में त्रुटियों जैसे मुद्दों पर आलोचना का सामना करना पड़ा है। एनटीए ने बृहस्पतिवार रात को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''उत्तर कुंजी को चुनौती देने की प्रक्रिया के बहुत महंगी होने संबंधी चिंता पर उम्मीदवारों के लिए एक छोटी सी सफाई: उत्तर कुंजी चुनौती प्रणाली को हर छात्र के लिए निष्पक्ष बनाया गया है, न कि केवल उस छात्र के लिए जो आपत्ति दर्ज कराता है।''
संस्था ने कहा, ''एक चुनौती, सभी को फायदा। यदि किसी एक अभ्यर्थी ने किसी प्रश्न को लेकर आपत्ति दर्ज कराई और विषय विशेषज्ञों ने उसे सही माना, तो संशोधित उत्तर कुंजी परीक्षा देने वाले सभी अभ्यर्थियों पर लागू होती है।'' एनटीए ने कहा कि बेकार की चुनौतियों को रोकने के लिए जवाब को चुनौती देने पर शुल्क लिया जाता है और अगर चुनौती सही साबित होती है तो शुल्क वापस कर दिया जाता है।
एजेंसी ने कहा, ''जिस उम्मीदवार की चुनौती सही मानी जाती है, उसे प्रति सवाल 200 रुपये वापस कर दिए जाते हैं। यह शुल्क वास्तविक आपत्तियों से लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि बेवजह की आपत्तियों को रोकने के लिए है।'' इसने कहा, ''यदि आपने किसी वास्तविक गलती की पहचान की है और उस पर आपत्ति दर्ज कराई है तो सही पाए जाने पर न केवल आपका शुल्क वापस किया जाएगा बल्कि किसी भी अभ्यर्थी की एक सही आपत्ति लाखों अन्य अभ्यर्थियों के परिणामों में सुधार कर सकती है।
