Kanpur Metro: कानपुर मेट्रो को मिली बड़ी रफ्तार, रावतपुर से डबल पुलिया तक डाउनलाइन टनल में ट्रैक तैयार

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Edited By Muskan Dixit
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कॉरिडोर-2 के 4.10 किमी लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन में डाउनलाइन ट्रैक निर्माण पूरा; CSA से बर्रा-8 तक मेट्रो संचालन की तैयारी तेज

कानपुर। कानपुर में मेट्रो विस्तार परियोजना के तहत मंगलवार को एक और अहम उपलब्धि हासिल हुई। कॉरिडोर-2 के रावतपुर से डबल पुलिया के बीच 4.10 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन की डाउनलाइन टनल में ट्रैक निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही कॉरिडोर-2 डिपो रैंप से विजय नगर स्टेशन के पास स्थित रैंप तक डाउनलाइन ट्रैक भी तैयार हो गया है।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) नए वर्ष में सीएसए से बर्रा-8 तक मेट्रो संचालन शुरू करने की दिशा में लगातार जरूरी निर्माण और सिस्टम संबंधी काम आगे बढ़ा रहा है।

बारिश के बीच अंडरग्राउंड और एलिवेटेड सेक्शन में काम जारी

यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के बावजूद विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों हिस्सों में सिविल निर्माण के साथ सिस्टम इंस्टॉलेशन का काम जारी है।

कॉरिडोर-2 की कुल लंबाई करीब 8.60 किलोमीटर है। इसमें लगभग 4.10 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड है। डाउनलाइन टनल में ट्रैक निर्माण का काम पूरा होना परियोजना के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

मार्च में पूरी हुई थी टनलिंग, इसके बाद शुरू हुआ ट्रैक निर्माण

कॉरिडोर-2 के अंडरग्राउंड सेक्शन में टनलिंग का काम इस साल मार्च में पूरा किया गया था। इसके बाद ट्रैक निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई।

सबसे पहले रेल पटरियों की वेल्डिंग की गई और उन्हें डाउनलाइन टनल में बिछाया गया। इसके बाद ट्रैक स्लैब की ढलाई, डिरेलमेंट गार्ड लगाने और थर्ड रेल की व्यवस्था से जुड़े काम किए गए।

अब डाउनलाइन ट्रैक का निर्माण पूरा होने के बाद परियोजना के अगले चरणों में सिस्टम इंस्टॉलेशन और अन्य जरूरी कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

बैलास्ट-लेस ट्रैक से कम होगी रखरखाव की जरूरत

कानपुर मेट्रो के एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों सेक्शन में बैलास्ट-लेस यानी गिट्टी रहित ट्रैक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक में पारंपरिक गिट्टी वाले ट्रैक की तुलना में रखरखाव की आवश्यकता कम होती है।

मेट्रो सेवाओं में प्रतिदिन करीब 15 से 16 घंटे तक ट्रेन संचालन होता है। ऐसे में ट्रैक के नियमित रखरखाव के लिए सीमित समय उपलब्ध रहता है। बैलास्ट-लेस ट्रैक कम रखरखाव में सुरक्षित और आरामदायक संचालन में मदद करता है और इसका जीवन-चक्र भी लंबा माना जाता है।

CSA से बर्रा-8 तक मेट्रो संचालन की तैयारी

कॉरिडोर-2 के महत्वपूर्ण अंडरग्राउंड हिस्से में ट्रैक निर्माण पूरा होने से CSA से बर्रा-8 तक मेट्रो संचालन की तैयारी को गति मिलने की उम्मीद है। यूपीएमआरसी फिलहाल निर्माण, ट्रैक और सिस्टम से जुड़े विभिन्न कार्यों को समानांतर रूप से आगे बढ़ा रहा है।

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