Big Bash League New Rules: ड्राफ्ट खत्म, अब विदेशी खिलाड़ियों से सीधे डील करेंगे क्लब; जानें पूरी व्यवस्था

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने नए अनुबंध नियमों का किया ऐलान; क्लब अब विदेशी खिलाड़ियों से सीधे कर सकेंगे करार, 15 सदस्यीय टीम में तीन मार्की खिलाड़ियों को मिलेगा अधिक वेतन

सिडनी: बिग बैश लीग (BBL) में खिलाड़ियों के अनुबंध को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने नए नियमों के तहत विदेशी खिलाड़ियों के लिए लागू ड्राफ्ट व्यवस्था खत्म करने का फैसला किया है। नए सिस्टम से ऑस्ट्रेलियाई और विदेशी खिलाड़ियों के लिए बेहतर भुगतान का रास्ता खुल सकता है।

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएशन (ACA) के साथ कई महीनों की बातचीत और बीबीएल क्लबों से मिले फीडबैक के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने नए अनुबंध नियम घोषित किए हैं। ये बदलाव WBBL में भी लागू होंगे।

गुरुवार से हटेगी अनुबंध पर लगी रोक

बीबीएल अनुबंध से जुड़ी रोक गुरुवार सुबह नौ बजे (AEST) हट जाएगी। इसके बाद क्लब विदेशी खिलाड़ियों के साथ सीधे रिकॉर्ड अनुबंध कर सकेंगे। इससे बेन स्टोक्स और फिन एलन जैसे खिलाड़ियों के लिए बीबीएल टीमों से सीधे करार करने का रास्ता खुल जाएगा।

मेलबर्न रेनेगेड्स से अलग होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर एडम जम्पा को भी नए क्लब से जुड़ने का मौका मिल सकता है।

विदेशी खिलाड़ियों का ड्राफ्ट सिस्टम खत्म

नए नियमों के तहत विदेशी खिलाड़ियों के लिए पहले लागू ड्राफ्ट व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा बड़े घरेलू खिलाड़ियों को अधिक भुगतान करने के उद्देश्य से जरूरी बड़े घरेलू खिलाड़ियों की संख्या भी कम की गई है।

क्लबों को अब यह स्वतंत्रता होगी कि वे विदेशी खिलाड़ी को साइन करना चाहते हैं या नहीं। यानी किसी टीम के लिए विदेशी खिलाड़ी रखना अनिवार्य नहीं होगा।

15 सदस्यीय टीम में तीन मार्की खिलाड़ी

नए नियमों के तहत 15 खिलाड़ियों की टीम में तीन 'मार्की' खिलाड़ी होंगे, जिन्हें अधिक वेतन दिया जाएगा। विदेशी खिलाड़ियों के लिए टीम में न्यूनतम संख्या भी निर्धारित नहीं की गई है।

यह व्यवस्था बीबीएल के साथ-साथ डब्ल्यूबीबीएल में भी लागू होगी।

ड्राफ्ट से क्यों परेशान थे खिलाड़ी और क्लब?

ऑस्ट्रेलिया के कई प्रमुख बीबीएल खिलाड़ियों और क्लबों ने लंबे समय से विदेशी खिलाड़ियों के ड्राफ्ट सिस्टम पर असंतोष जताया था। उनका मानना था कि ड्राफ्ट की वजह से कई बार कम चर्चित विदेशी खिलाड़ियों को बेहतरीन घरेलू खिलाड़ियों की तुलना में अधिक रकम मिल जाती थी।

नए सिस्टम में क्लबों को खिलाड़ियों की क्षमता, बाजार मूल्य और उनके घरेलू या विदेशी होने के आधार पर खुद फैसला करने की आजादी मिलेगी।

'क्लबों को टीम बनाने की आजादी जरूरी'

बीबीएल के प्रमुख एलिस्टर डॉब्सन ने कहा कि खिलाड़ियों का बाजार लगातार बदल रहा है और बीबीएल तथा डब्ल्यूबीबीएल को जरूरत के अनुसार बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि क्लबों को अलग-अलग खिलाड़ियों की वैल्यू का आकलन करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक, विदेशी खिलाड़ी अब भी लीग के लिए महत्वपूर्ण होंगे और उम्मीद है कि नए सिस्टम के बावजूद बड़ी संख्या में शीर्ष विदेशी खिलाड़ी प्रतियोगिता में शामिल होंगे।

डॉब्सन ने यह भी माना कि ड्राफ्ट बीबीएल के लिए एक शानदार आयोजन था और उसने एक समय लीग तथा क्लबों की टीम बनाने की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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