कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट : 11 लोगों की मौत के बाद सवालों के घेरे में प्रशासनिक निगरानी, अब DM बोले - जांच के बाद होगी कार्रवाई

Amrit Vichar Network
Edited By Virendra Pandey
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उत्तर प्रदेश के कौशांबी (पिपरी थाना क्षेत्र) में सोमवार को एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें अब तक 11 मजदूरों की मौत हो चुकी है और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। मलबे को हटाने के लिए 10 जेसीबी मशीनें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।

कौशांबी : उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र में संचालित पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को हुए भीषण विस्फोट के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विस्फोट में अब तक 11 मजदूरों की मौत की सूचना है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। जमींदोज हुए मकानों के मलबे को हटाने के लिए 10 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। पुलिस और प्रशासन की निगरानी में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। 

मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में यह पटाखा फैक्ट्री करीब दो दशक से संचालित थी, जहां पटाखों के लिए विस्फोटक तैयार किए जाते थे। बताया जाता है कि फैक्ट्री के पूर्व मालिक नौशाद की मृत्यु के बाद उसका पुत्र आदिल और भाई शकील फैक्ट्री का संचालन कर रहे थे। आरोप है कि फैक्ट्री बिना वैध लाइसेंस के संचालित की जा रही थी और यहां तैयार पटाखे एवं विस्फोटक कौशाम्बी के अलावा अन्य स्थानों पर भी भेजे जाते थे। स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि की जानकारी होने के बावजूद निगरानी और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 

बताया जाता है कि अवैध रूप से पटाखा बनाने और भंडारण के मामले में फैक्ट्री संचालक आदिल वर्ष 2024 में जेल जा चुका था। जेल से रिहा होने के बाद भी मनौरी बाजार के रिहायशी इलाके में कथित रूप से बिना लाइसेंस पटाखा एवं विस्फोटक तैयार करने का काम जारी रहा। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी व्यक्ति की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री के भंडारण और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद हादसे की जिम्मेदारी तय होने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। 

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