Hardoi News : कासिमपुर थाने से गायब हुईं केस डायरी और चार्जशीट! रिटायर्ड दीवान पर केस, जानें पूरा मामला
हरदोई के कासिमपुर थाने में 2011 और 2015 के दो मुकदमों की केस डायरी व आरोप पत्र गायब मिलने से दोनों मामलों की सुनवाई करीब 15 साल से अटकी थी। एसपी की समीक्षा के बाद तत्कालीन सीओ संडीला कार्यालय में तैनात रहे रिटायर्ड दीवान त्रिपुणानंद उपाध्याय पर केस दर्ज किया गया है।
हरदोई, अमृत विचार। यूपी के हरदोई जिले के कासिमपुर थाने में दर्ज 2011 और 2015 के दो मुकदमों की केस डायरी और चार्जशीट गायब होने का मामला सामने आया है। जरूरी दस्तावेज कोर्ट तक न पहुंचने के कारण दोनों मामलों की सुनवाई करीब 15 साल से अटकी हुई थी।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा की ओर से पुराने लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान मामला सामने आया तो जांच कराई गई। पड़ताल के बाद तत्कालीन सीओ संडीला कार्यालय में तैनात रहे सेवानिवृत्त दीवान त्रिपुणानंद उपाध्याय के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
15 साल से अदालत नहीं पहुंची चार्जशीट
कासिमपुर थाने का पहला मामला वर्ष 2011 का है। जरहा गांव निवासी आशीष ने मुकेश, कुलदीप, अमित और सुमिरता के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन आरोप है कि करीब 15 साल गुजरने के बाद भी मामले का आरोप पत्र अदालत तक नहीं पहुंचा।इसी तरह वर्ष 2015 में गंगाखेड़ा निवासी दिनेश कुमार ने मारपीट के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे की केस डायरी भी गायब होने की बात सामने आई है।
एसपी की समीक्षा में खुला दस्तावेज गायब होने का मामला
एसपी अशोक कुमार मीणा ने अदालतों में लंबित पुराने मुकदमों की समीक्षा की। इसी दौरान दोनों मामलों की पत्रावलियों को लेकर जानकारी जुटाई गई। जांच में पता चला कि कासिमपुर थाने से दोनों मुकदमों के दस्तावेज सीओ संडीला कार्यालय भेजे गए थे। उस समय सीओ कार्यालय में दीवान त्रिपुणानंद उपाध्याय की तैनाती थी। पुलिस जांच में जरूरी दस्तावेजों के गायब होने की जिम्मेदारी उन्हीं पर तय की गई, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
रिटायर हो चुका है आरोपी दीवान
कासिमपुर एसएचओ घनश्याम राम के मुताबिक त्रिपुणानंद उपाध्याय सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेज कैसे गायब हुए और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
किसके इशारे पर गायब हुए दस्तावेज?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक दीवान ने आखिर अपने ऊपर कार्रवाई का खतरा मोल लेकर केस डायरी और आरोप पत्र क्यों गायब किए? पुलिस अब दस्तावेज गायब होने के पीछे किसी दूसरे व्यक्ति की भूमिका और संभावित साजिश के पहलू पर भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ और पूरे मामले की गहन छानबीन के बाद दस्तावेज गायब होने की असली वजह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
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