जन्माष्टमी पर 500 ड्रोन दिखाएंगे कृष्ण लीला, काशी से उपहार; मथुरा में आखिरी चरण में तैयारी 

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Edited By Anjali Singh
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जन्माष्टमी से पहले मथुरा और वृंदावन को भव्य सजावट व रोशनी से सजाया गया है। इस बार 500 ड्रोन शो के जरिए आसमान भी कृष्णमय नजर आएगा और उत्सव का आकर्षण बढ़ेगा।

मथुरा। भगवान कृष्ण के जीवन और किंवदंतियों से जुड़े प्रमुख तीर्थस्थल मथुरा और वृंदावन को जन्माष्टमी समारोह से पहले विस्तृत सजावट एवं चमकदार रोशनी से सजाया गया है। वही इस बार जन्माष्टमी के उत्सव में इस बार आकाश भी कृष्णमय होगा। परिषद की ओर से बताया गया है कि पहली बार मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 4 सितम्बर की रात 9 से 10 बजे तक विशेष ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। किशोरी रमण बीएड कॉलेज से बॉटलैब डायनामिक्स के इस भव्य लाइट शो में 500 ड्रोन शामिल होंगे। आसमान में उड़ते ड्रोन कृष्ण लीला से जुड़ी विभिन्न आकृतियां बनाएंगे। 

प्रमुख चौक चौराहों पर विशेष सजावट 

अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यहां चौराहों और प्रमुख सड़कों पर विशेष सजावट की गई है, विशेषकर कृष्ण जन्मभूमि और अन्य प्रमुख मंदिरों की ओर जाने वाली सड़कों पर, जो तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार ब्रज तीर्थ विकास परिषद, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 'श्रीकृष्ण जन्मोत्सव-2026' के तहत देश भर से 1,000 से अधिक कलाकार दो दर्जन से अधिक छोटे मंचों और लगभग आधा दर्जन प्रमुख मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। 

ढोल नगाड़ों के बीच स्वागत 

परिषद के पदेन मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि कान्हा के जन्मोत्सव का उल्लास अब ब्रजभूमि में परवान चढ़ने लगा है। भक्तों का स्वागत बीन की मधुर धुनों वाले प्रदर्शनों से किया जा रहा है, जबकि ढोल और नगाड़ों की थाप एवं जीवंत लोक नृत्य उत्सव के माहौल में चार चांद लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मथुरा-वृन्दावन की गलियां, चौराहे और प्रमुख सांस्कृतिक स्थल एक बार फिर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। 

उपाध्यक्ष ने कहा कि परिषद की ओर से व्यापक सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि ब्रज की समृद्ध लोक परंपरा, संगीत और कला को श्रद्धालुओं के सामने जीवंत करना भी है। उन्होंने बताया कि यही नहीं, डैम्पीयर नगर में बने विशाल प्रेक्षागृह (पांचजन्य) में बुधवार से त्रिदिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव प्रारंभ हो गया है जिसमें कन्हैया मित्तल जैसे अनेक प्रसिद्ध कलाकार अगले तीन दिन तक कृष्ण भक्ति और ब्रज संस्कृति की झलक से जुड़ी प्रस्तुतियां देंगे। 

सांस्कृतिक कला से सजेगा मथुरा 

नागप्पन के अनुसार इनके अलावा प्रमुख मार्गों और चौराहों पर 'स्ट्रीट परफॉर्मर' भी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब 350 कलाकार बीन, ढोल, नगाड़े, ढपली, शहनाई, बेला-तबला आदि वाद्ययंत्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को रिझा रहे हैं।

शिव की नगरी से आया खास उपहार 

श्री काशी विश्वनाथ धाम से भगवान श्री लड्डू गोपाल के लिए विशेष उपहार सामग्री श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा को प्रेषित की गई। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व से पूर्व श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के समक्ष विशेष उपहार सामग्री का विधि-विधान से पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद सामग्री को भगवान श्री विश्वेश्वर को समर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इसके बाद इसे श्रद्धापूर्वक श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा के लिए भेजा गया। 

वर्ष 2024 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुरू की गई इस पहल के तहत श्री काशी विश्वनाथ धाम से भगवान श्री विश्वेश्वर की ओर से श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा में विराजमान श्री लड्डू गोपाल के लिए उपहार सामग्री भेजी गई थी। इसी क्रम में रंगभरी एकादशी के अवसर पर भी काशी और मथुरा के बीच भेंट एवं श्रद्धा-संदेशों के आदान-प्रदान की परंपरा को आगे बढ़ाया गया। 

अब तक करीब 15 देशों के 100 से अधिक देवालयों से शुभकामना संदेश प्राप्त हो चुके हैं, जिन्हें उपहार सामग्री के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान न्यास को भेजा जा रहा है। न्यास के अनुसार वर्ष 2024 में शुरू की गई इस अभिनव परंपरा को देश-विदेश के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं से सराहना मिली है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न मंदिरों एवं धार्मिक संस्थानों से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास को शुभकामना एवं बधाई संदेश भी प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी स्वयं मथुरा में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होंगे और श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर होने वाले आयोजन में सहभागिता कर काशी विश्वनाथ धाम और श्रीकृष्ण जन्मस्थान के बीच स्थापित इस आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने देशवासियों और श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण और बाबा विश्वनाथ से विश्व के कल्याण, सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की है। 

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