बरेली: श्मशान भूमि की सड़क बदहाल, जर्जर भवन से हादसे का डर

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अमृत विचार, बरेली। श्मशान भूमि के प्रति सरकारी अमला सजग नहीं है। इसके कारण ट्रस्ट को अपने दम पर श्मशान भूमि की दशा सुधारनी पड़ रही है। सिटी श्मशान भूमि को जाने वाले मार्ग तो तीन साल से जर्जर हैं। सड़क पर भरे पानी के कारण एक व्यक्ति की गिरकर मौत भी हो चुकी है। …

अमृत विचार, बरेली। श्मशान भूमि के प्रति सरकारी अमला सजग नहीं है। इसके कारण ट्रस्ट को अपने दम पर श्मशान भूमि की दशा सुधारनी पड़ रही है। सिटी श्मशान भूमि को जाने वाले मार्ग तो तीन साल से जर्जर हैं। सड़क पर भरे पानी के कारण एक व्यक्ति की गिरकर मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी सड़क पर जलभराव रोकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। वर्षों पुराने भवन भी जर्जर हो चुके हैं। इनसे हादसे का भय बना हुआ है।

शहर के चार स्थानों पर श्मशान भूमि है जहां दाह संस्कार किया जाता है। इनमें गुलाबबाड़ी, सिटी, जगतपुर और संजय नगर की श्मशान भूमि है। इसमें गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि ट्रस्ट ने पीलीभीत बाईपास रोड पर है। दशकों पुरानी श्मशान भूमि के लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, कैंट विधायक राजेश अग्रवाल ने विधायक निधि से बजट दिया था जिससे निर्माण कार्य हुआ है।

वर्तमान स्थिति को देखा जाए तो शवदाहगृह के टिन शेड जर्जर हो चुके हैं जो कभी भी गिर सकते हैं। बगल में स्थित तालाब सूखा पड़ा हुआ है जिसे जीर्णोद्धार की जरूरत है। इसके लिए सरकारी अमले को कदम बढ़ाना होगा क्योंकि ट्रस्ट को सहयोग की जरूरत है। पेयजल व्यवस्था ठीक करनी होगी।

इतना जरूर है कि कुछ दिन पहले नगर निगम ने श्मशान भूमि की चहारदीवारी का निर्माण कराया है। अगर इस तालाब को अमृत योजना के तहत चयनित किया गया होता तो तालाब का कायाकल्प हो चुका होता। इसके संरक्षक व विधायक राजेश मिश्र उर्फ पप्पू भरतौल हैं। पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने भी सहयोग किया था।

सिटी श्मशान भूमि की व्यवस्था दी हिंदु सोशल सर्विस ट्रस्ट द्वारा की जाती है। करीब 50 साल से अधिक समय से श्मशान भूमि परिसर में विभिन्न लोगों ने अपने सहयोग से शेड का निर्माण कराया है। काफी पहले बना एक भवन जर्जर हो चुका है जिसकी हालत यह है कि रविवार को हुई बारिश में छत से पानी नीचे टपक रहा था। यहां हादसा होने का भी डर है।

पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन ने अवस्थापना निधि से सौंदर्यीकरण और सड़क निर्माण कराया गया था। इसी श्मशान भूमि को जाने वाले मुख्य मार्ग के गड्ढों पर हर समय पानी जमा रहता है। एक बार सड़क पर पानी लगने के कारण एक साइकिल सवार चूड़ी बेचने वाला पानी की वजह से गिर गया।

इसके कारण रातभर पानी में पड़ा रहा और सुबह उसका शव मिला। इसे लेकर लोगों ने आक्रोश जताते हुए नगर निगम से शिकायत की पर अभी भी सड़क जस की तस है। इसी तरह संजय नगर स्थित श्मशान भूमि को जाने वाला मुख्य मार्ग अफसरों की लापरवाही के कारण खुदा पड़ा है जो करीब छह माह से निर्माणाधीन है।

श्मशान भूमि को जाने वाली सड़क तीन साल से अधिक समय से खराब है। कई बार शिकायत करने के बाद सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। हर समय पानी जमा होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अर्थी लेकर श्मशान भूमि को जाने वाले लोगों को पानी में गिरने का डर रहता है।
-एस ठाकुर

सड़क खराब होने से एक बार हादसा हो चुका है। इस रास्ते लोगों को विभिन्न जगहों पर जाना होता है। सड़क निर्माण को लेकर नगर निगम और जनप्रतिनिधि दोनों गंभीर नहीं है। इसके कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
-दिव्यांश वाजपेयी

जल निकासी की समस्या के कारण सड़क नहीं बन पा रही थी। एक पुलिया को रेलवे लाइन के नीचे से जाना था जिसे रेलवे ने रोक दिया। इसके कारण पानी जमा रहता है। इसी माह सड़क और नाले का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव दिया गया है और निविदा निकलने वाली है। इसके बाद समस्या का निदान हो जाएगा।
-शाहजहां, पार्षद वार्ड 38

गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि पर स्थित तालाब सूखा हुआ है। अगर तालाब का जीर्णोद्वार नगर निगम करा दे तो लोगों को काफी सुविधा होगी। इसके साथ ही दशवां के लिए शेड की आवश्यकता है। जो काफी पुराने हैं उन्हें बदलने की जरूरत है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों को ध्यान देना चाहिए।
– गिरीश चंद्र सिन्हा, परिसर प्रभारी व ट्रस्ट कोषाध्यक्ष

ट्रस्ट के अध्यक्ष का निधन
गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोहर स्वरूप का रविवार की रात में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि पर किया गया। लंबे समय से अध्यक्ष रहते हुए, उन्होंने श्मशान भूमि के लिए काफी प्रयास किया। एसडीओ फोन से रिटायर्ड होने के बाद ट्रस्ट के लिए पूरी तरह से समर्पित होकर कार्य करते थे।

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