मीरजापुर: …जब पाकिस्तानी जेल से 11 साल बाद अपने वतन लौटा पुनवासी
मीरजापुर। पाकिस्तानी जेल से 11 साल बाद लौटे पुनवासी को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से रूबरू कराया गया। पुलिस अधीक्षक ने फूलों का गुलदस्ता और मिठाई प्रदान कर पुनवासी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया है। कहा कि पुनवासी को हर संभव मदद दी जायेगी। इस दौरान पुनवासी ने सहमी हुई आवाज में किस …
मीरजापुर। पाकिस्तानी जेल से 11 साल बाद लौटे पुनवासी को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से रूबरू कराया गया। पुलिस अधीक्षक ने फूलों का गुलदस्ता और मिठाई प्रदान कर पुनवासी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया है। कहा कि पुनवासी को हर संभव मदद दी जायेगी। इस दौरान पुनवासी ने सहमी हुई आवाज में किस प्रकार से भटक कर वह पाकिस्तान की जेल में पहुंच गया तथा वहां मिली पीड़ा को प्रकट किया।
बताते चलें कि 11 वर्ष पूर्व जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के भरूहना गांव निवासी पुनवासी राजस्थान के रास्ते पाकिस्तान की सरहद में प्रवेश कर गया था। जिसे पाकिस्तानी सैनिकों ने कब्जे में लेते हुए पाकिस्तान के लाहौर जेल में बंद कर दिया था। जिसके बारे में जानकारी होने पर भारत सरकार की पहल पर उसे रिहा कराया गया।
मंगलवार को वह बेगमपुरा एक्सप्रेस से वाराणसी पहुंचा, फिर वहां से सड़क मार्ग जनपद में आया है। उसे लाने के लिए यहां से एक पुलिस जवान के अलावा उसकी बहन और बहनोई को रवाना किया गया था। जिनके साथ वहां आवश्यक कार्यवाही को पूर्ण कर अमृतसर से मिर्जापुर लौटा है। इस दौरान 11 वर्षों के बाद अपने वतन लौटे पुनवासी को देखकर ग्रामीणों की आंखें खुशी के आंसुओं से नम हो गई थी। उसे देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
अब परिवार में कोई नहीं
पुनवासी के परिवार में अब कोई नहीं है। वह अपने जीजा के घर से लापता हुआ था। अब घर जाने की बात कह कर हंस पड़ता है। उसकी मानसिक हालत अभी भी ठीक नहीं है। सिटी ब्लाक के भरूहना में रहने वाले 35 वर्षीय पुनवासी की शादी हो चुकी थी। पत्नी का गौना आने के पहले ही वह विक्षिप्त हो गया।
पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि उसका पता गलत होने के कारण लंबा वक़्त उसके परिजनों को तलाशने में लगा। इसके परिवार में अब कोई नहीं है, लिहाजा हर प्रकार से मदद की जायेगी।
