बरेली: ई-लाइब्रेरी तो खोल दी, अब देना होगा हिसाब

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बरेली, अमृत विचार। आधारभूत सुविधाओं और ई-लाइब्रेरी बनाने के लिए महाविद्यालयों ने खरीदारी तो कर ली, लेकिन अभी तक इसकी उपयोगिता की रिपोर्ट नहीं दी है। क्या खरीद में कोई गड़बड़ी हुई या फिर किसी अन्य वजह से प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने बरेली परिक्षेत्र समेत पूरे प्रदेश की ई-लाइब्रेरी के …

बरेली, अमृत विचार। आधारभूत सुविधाओं और ई-लाइब्रेरी बनाने के लिए महाविद्यालयों ने खरीदारी तो कर ली, लेकिन अभी तक इसकी उपयोगिता की रिपोर्ट नहीं दी है। क्या खरीद में कोई गड़बड़ी हुई या फिर किसी अन्य वजह से प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने बरेली परिक्षेत्र समेत पूरे प्रदेश की ई-लाइब्रेरी के 40 और आधारभूत सुविधाओं के 67 महाविद्यालयों के खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी से मांगा गया है। उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजने के बाद इसमें कोई कमी मिलती है, तो उसकी भी जांच की जाएगी।

उच्च शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक संजय कुमार सिंह ने ई-लाइब्रेरी की स्थापना या ई-बुक्स की खरीद के लिए बरेली परिक्षेत्र के राजकीय महाविद्यालय फरीदपुर बरेली, पंडित दीन दयाल राजकीय महाविद्यालय तिलहर शाहजहांपुर, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बीसलपुर पीलीभीत, महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलसी बदायूं का क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी से उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगा है। इन महाविद्यालयों समेत प्रदेश के 40 महाविद्यालयों में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए धनराशि स्वीकृत की गई थी।

इस संबंध में एक साल पहले 22 जनवरी 2020 को निर्देश जारी किए गए थे। इसी तरह से आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था के लिए बरेली परिक्षेत्र के अबंतीबाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय बरेली, पंडित दीन दयाल राजकीय महाविद्यालय तिलहर शाहजहांपुर, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बीसलपुर पीलीभीत समेत प्रदेश के 67 महाविद्यालयों को जारी धनराशि के खर्च का भी प्रमाण पत्र मांगा गया है। इन महाविद्यालयों को भी सत्र 2019-20 के लिए धनराशि जारी हुई थी। इस संबंध में 28 अगस्त और 10 अक्टूबर 2019 को निर्देश जारी किए गए थे।

“ई-लाइब्रेरी और आधार भूत सुविधाओं के लिए जारी धनराशि के खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र निदेशालय से मांगा गया है। बरेली-मुरादाबाद परिक्षेत्र के महाविद्यालयों से प्रमाण पत्र लेकर रिपोर्ट भेजी जाएगी। उसके बाद खरीद में कोई गड़बड़ी होगी तो उसकी भी जांच होगी।” -डा. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी

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