लखनऊ: गांवों के चतुर्मुखी विकास से निखरेगी उत्तर प्रदेश की तस्वीर
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के नेतृत्व में 42 जिलों में 447 सड़कों (3088 किलोमीटर) के कायाकल्प के लिए भारत सरकार से 2124 करोड रुपए की धनराशि स्वीकृत कराने में सफलता प्राप्त की है। लोक निर्माण विभाग से जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तृतीय …
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के नेतृत्व में 42 जिलों में 447 सड़कों (3088 किलोमीटर) के कायाकल्प के लिए भारत सरकार से 2124 करोड रुपए की धनराशि स्वीकृत कराने में सफलता प्राप्त की है।
लोक निर्माण विभाग से जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तृतीय के बैच-1 के अंतर्गत विभिन्न जनपदों में सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिये लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव बनाकर उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के माध्यम से भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग को प्रेषित किए थे,जिसे कई चरणों के सतत परीक्षण के उपरांत स्वीकृति प्रदान की गई।
ग्रामीण मार्गों की बेहतरी की दिशा में इसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों के और अधिक तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीण मार्ग के कायाकल्प होने से गांवों के चतुर्मुखी विकास के नए आयाम स्थापित होंगे और सड़को के मामले मे भी उत्तर प्रदेश की तस्वीर निखरेगी।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सर्वोच्च प्राथमिकता पर निर्माण कार्यों को शुरु करने के निर्देश दिए हैं । उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूर्ण करने के लिये मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उत्तर प्रदेश की ग्रामीण जनता को शीघ्र इसका लाभ मिल सके।
ज्ञातव्य है के उत्तर प्रदेश मे प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 42 जनपदों में लोक निर्माण विभाग ने मार्गो का कार्य संपादित कराया जाता है । शेष जनपदों में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने मार्गों का निर्माण चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण किया जाता है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों ग्रामीण विकास मन्त्रालय भारत सरकार द्वारा पीएमजीएसवाई के तहत उत्तर प्रदेश के लिए 4225.27 करोड़ रुपये की धनराशि की मंजूरी प्रदान की गई है। इसमे 2534.81 करोड़ रूपये भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा और 1690.46 करोड रुपए, राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे ,इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की और अधिक बेहतर सुविधाएं हो सकेंगी।
